रामलाल यादव / मूकनायक संपादक राजस्थान
डॉ हस्ती मल आर्य हस्ती, जोधपुर की बाल काव्य संग्रह पुस्तक “देश के परिवेश में”
“रावत सर साहित्य सृजक सम्मान -2026” के लिए चयन होने के फलस्वरूप डॉ आर्य को माल्यार्पण व शाल ओढ़ाकर, श्री फल देते हुए 5100/- रुपये नकद देकर शील्ड,व प्रमाण पत्र से नवाजा गया। यह सम्मान कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं राजस्थान के वरिष्ठ साहित्यकार जांबाज कवि राजस्थान साहित्य अकादमी के पूर्व सदस्य कवि श्री सुरेन्द्र कुमार सुंदरम व संस्था अध्यक्ष विमल चांडक, संस्था प्रभारी श्री विजय पटीर, सचिव श्री सुभाष सोनी, महिला सचिव श्रीमती नीता जी अग्रवाल, राजेंद्र डूडी, स्थानीय कवि ओम जी पारीक , कवि मदन जी पेंटर व गौतम जी माकड़ तथा इंद्र पाल जी इत्यादि के कर कमलों द्वारा दिया गया। संस्था सचिव ने बताया कि इस प्रतियोगिता में कुल सत्रह प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा चयन समिति ने डॉ हस्ती की पुस्तक “देश के परिवेश में” का चयन किया गया।
डॉ आर्य ने अपने उद्बोधन में बताया कि आज के परिवेश में जहां बच्चों में नैतिकता का ह्रास हो रहा, उनमें उच्छृंखलता, हिंसक प्रवृतियां, एकाकी पन, असहनशीलता, वैमनस्य, सौहार्द की कमी, शॉर्ट कट मारने की प्रवृत्ति,सपनों का जीवन जीने तथा मोबाइल व फिल्मी जीवन के परिवेश में हमारी भारतीय संस्कृति, संस्कार तथा शिक्षा से विमुख होते जीवन में काव्य रूपी शब्दों से इन संस्कारों को भरने, देश परिवार व समाज के प्रति दायित्व पूर्ण जीवन व शिक्षा देने का प्रयास इसके माध्यम से इस पुस्तक में किया गया है। तथा आज के बालकों रूपी पौध में संस्कार रूपी खाद पानी देकर सुंदर वैज्ञानिक दृष्टिकोण का भारत बनाने का काव्य प्रयास है।
सभी ने डॉ आर्य का स्वागत किया। डॉ हस्ती मल पेशे से चिकित्सक व स्त्री रोग विशेषज्ञ भी है। साहित्य के क्षेत्र में इनकी पूर्व पुस्तकों को सम्मान मिल चुका है । इनकी दो हाइकु पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी है तथा हाइकु विभूषण से सम्मानित हो चुकी है।
हिंदी साहित्य क्षेत्र में इन्हें अंतर्राष्ट्रीय साहित्य वाचस्पति पुरस्कार -2025 व हिंदी साहित्य रत्न से भी सम्मानित हो चुके है।

