सादगीपूर्ण विवाह एवं नशामुक्त समाज के लिए जनजागरण अभियान की मांग
मूकनायक
कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी
छत्तीसगढ़
राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लालजी बौद्ध ने छत्तीसगढ़ सरकार से प्रदेश में बढ़ती दहेज प्रथा, तिलक के नाम पर आर्थिक शोषण, विवाह समारोहों में अत्यधिक खर्च, डीजे एवं नशाखोरी पर रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर आवश्यक कार्रवाई की अपील की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि विवाह जैसे पवित्र संस्कार में अनावश्यक आडंबर, चार पहिया एवं दो पहिया वाहन तथा नकद राशि की मांग के कारण गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कई परिवार कर्ज लेने या जमीन गिरवी रखने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे सामाजिक और मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विवाह समारोहों में शराब सेवन, डीजे एवं नाच-तमाशे के कारण कई बार विवाद, मारपीट एवं कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके अतिरिक्त होली पर्व के दौरान रासायनिक रंगों एवं नशीले पदार्थों के उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं, जिनसे महिलाएं एवं बच्चे अधिक प्रभावित होते हैं।
ज्ञापन में प्रदेश में अवैध शराब निर्माण एवं नशीले पदार्थों की बिक्री पर कठोर कार्रवाई की भी मांग की गई है। साथ ही प्रशासन से सादगीपूर्ण विवाह को प्रोत्साहित करने एवं दहेज प्रथा के विरुद्ध जनजागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया गया है।
संगठन ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे कुरीतियों का बहिष्कार कर संस्कार, सादगी एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित परंपराओं को अपनाएं, ताकि एक स्वस्थ एवं समरस समाज का निर्माण हो सके।


