





दमोह (बालाघाट) | स्थानीय प्राथमिक शाला दमोह के प्रांगण में कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों के लिए एक भावनात्मक एवं गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपने वरिष्ठ साथियों को उत्साह, स्नेह और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ भावभीनी विदाई दी।
मंच की गरिमा और शुभारंभ
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्राचार्य द्रोपती चौधरी रहीं। अध्यक्षता संस्था के प्रधान पाठक हेमेंद्र नेवारे ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जनशिक्षक रमेश तुरकर एवं वरिष्ठ शिक्षक एस. आर. उके उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
समारोह में अतिथियों ने प्रेरणादायक उद्बोधन देकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
मुख्य अतिथि द्रोपती चौधरी ने कहा, “विदाई का अर्थ अंत नहीं, बल्कि एक नई और बड़ी उड़ान की शुरुआत है। इस शाला के संस्कार आपकी सबसे बड़ी पूंजी हैं, इन्हें सदैव संजोकर रखें।”
वरिष्ठ शिक्षक एस. आर. उके ने कहा, “प्रिय बच्चों, आप इस देश के गौरव और भविष्य की नींव हैं। शिक्षा केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का माध्यम है। आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरी लगन से तैयारी करें और जीवन में ऊँचे लक्ष्य निर्धारित करें।”
जनशिक्षक रमेश तुरकर ने शिक्षकों की कार्यकुशलता की सराहना करते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षा को एक अवसर के रूप में लें और परिश्रम से श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त करें।
प्रधान पाठक हेमेंद्र नेवारे ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सम्मान
कनिष्ठ कक्षाओं के विद्यार्थियों ने मनमोहक नृत्य एवं विविध सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समारोह को यादगार बना दिया। कक्षा पांचवीं के प्रत्येक छात्र को स्मृति चिन्ह एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण किया।
इस अवसर पर शिक्षक सत्यप्रकाश अन्मोले, रुपेश खरोले, हरेंद्र घोरमारे, माखन हिरवाने, रवि कांवरे, विमल मरकाम एवं नानक पंवार सहित विद्यालय परिवार की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। साथ ही राजबत्ती बाई धुर्वे, विमला राठौर, कमल वासनिक, कांता नेवारे, छाया चौधरी एवं तरुणा घोरमारे सहित गणमान्य महिलाओं की सहभागिता भी सराहनीय रही।

