Thursday, February 26, 2026

पूर्व विधायक रामेश्वर खरे ने किया सर्वदलीय वृहद आंदोलन का ऐलान, मामला लिंगियाडीह का

मूकनायक

बिलासपुर। छत्तीसगढ़
लिंगियाडीह दुर्गा नगर क्षेत्र में गरीब परिवारों को बेदखली से बचाने के लिए चल रहा लिंगियाडीह बचाव आंदोलन लगातार जारी है पूरे जोश और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा। बीते ढाई माह से चल रहे इस आंदोलन में आज भी सैकड़ों महिलाएं धूल में बैठकर नगर निगम और प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराती रहीं। आंदोलन अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसे सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का लगातार समर्थन मिल रहा है।
धरना स्थल पर सीपत के पूर्व विधायक एवं बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता इंजीनियर रामेश्वर खरे विशेष रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले राजनीतिक दल गरीबों के हित में बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन सत्ता मिलते ही वही सरकारें गरीबों के अधिकारों का हनन करने लगती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लिंगियाडीह के 138 गरीब परिवारों को उजाड़ने की तैयारी की जा रही है, जिससे उनकी आजीविका छिन चुकी है और वे सड़क पर आने को मजबूर हो गए हैं।
पूर्व विधायक खरे ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों को उनकी जमीन से बेदखल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “राम के नाम पर सत्ता में बैठे लोग आज गरीबों के साथ अन्याय और अत्याचार कर रहे हैं। मेहनत से बसाए गए आशियानों को बेरहमी से तोड़ा जा रहा है।”
उन्होंने डॉ. बाबा साहब अंबेडकर के संविधान का हवाला देते हुए कहा कि संविधान ने गरीब और वंचित वर्ग को संरक्षण दिया है, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गरीबों को राहत नहीं दी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा सर्वदलीय वृहद आंदोलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों लोग शामिल होंगे।
धरना स्थल पर छत्तीसगढ़िया मंच के श्याम मूरत साहू ने कहा कि सरकार राम नाम का ढिंढोरा पीटकर शासन कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत में गरीबों को उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक के दबाव में नगर निगम प्रशासन लिंगियाडीह को खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है।
कांग्रेस नेता साखन दर्वे एवं भोलाराम साहू ने कहा कि आंदोलन को 80 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन न तो स्वास्थ्य विभाग का कोई अधिकारी और न ही नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी धरना स्थल तक पहुंचे हैं। सैकड़ों महिलाएं लगातार धूल में बैठकर धरना दे रही हैं, जिससे कई महिलाओं की तबीयत खराब हो रही है, फिर भी प्रशासन पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है।
धरना संचालन करते हुए डॉ. रघु साहू ने कहा कि गरीब परिवारों के साथ जानबूझकर अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के समर्थन में खड़े वार्ड क्रमांक 52 के पार्षद दिलीप पाटिल के कार्यालय को तोड़ दिया गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है।
धरने में शामिल श्रीमती यशोदा पाटिल सहित कई महिलाओं ने बताया कि पट्टा देने के नाम पर गरीबों से प्रति वर्गफुट 10 रुपये की दर से राशि वसूली गई, लेकिन आज तक पट्टा नहीं दिया गया। उल्टा अब मकान तोड़ने के नोटिस थमाए जा रहे हैं।

महिलाओं ने कहा कि लिंगियाडीह दुर्गा नगर क्षेत्र को पहले ही आवासीय घोषित किया जा चुका है, इसके बावजूद गार्डन और व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स के नाम पर गरीबों को हटाकर अमीरों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
धरना आंदोलन में एस.पी. केशर, विश्वनाथ डहरिया, घनश्याम सोनी, सुनील साहू, हर्ष कश्यप, संतोष साहू सहित अनेक वरिष्ठ नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर आंदोलन को समर्थन दिया। आंदोलन में 100 से अधिक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही।

///“गरीबों के साथ खड़ा हुआ तो मेरा कार्यालय तोड़ दिया गया” : दिलीप पाटिल///

वार्ड क्रमांक 52 के कांग्रेस पार्षद दिलीप पाटिल ने कहा कि वे गरीबों के साथ मजबूती से खड़े हैं, इसी कारण वैमनस्यता के चलते उनका पार्षद कार्यालय तोड़ दिया गया। इससे उनका जनसंपर्क और जनसेवा कार्य बाधित हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक सुशांत शुक्ला एवं नगर निगम प्रशासन बदले की भावना से कार्रवाई कर रहे हैं। मजबूर होकर वे अब धरना स्थल पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं।

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