Thursday, February 26, 2026
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बस्ती में गरिमागृह का किया उद्घाटन, ट्रान्सजेंडर समुदाय के सम्मानजनक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर दिया जोर

मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश

बस्ती। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को जनपद बस्ती में स्थापित गरिमागृह का उद्घाटन एवं निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने ट्रान्सजेंडर समुदाय के अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक सहभागिता को लेकर प्रभावशाली संदेश दिया। राज्यपाल ने कहा कि समाज का प्रत्येक नागरिक समान अधिकारों का अधिकारी है और ट्रान्सजेंडर समुदाय को सम्मानजनक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

राज्यपाल के गरिमागृह बस्ती आगमन पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंदिरा चैरिटेबल सोसाइटी अजय कुमार पाण्डेय द्वारा उनका स्वागत किया गया। इसके पश्चात राज्यपाल ने विधिवत गरिमागृह का उद्घाटन कर परिसर का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने आवास, स्वास्थ्य, सुरक्षा और प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे केंद्र ट्रान्सजेंडर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उद्घाटन के बाद आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने आसन ग्रहण किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई। इस अवसर पर पाँच विशेष बच्चियों द्वारा राज्यपाल का संयुक्त रूप से सम्मान किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में ट्रान्सजेंडर समुदाय के उत्थान हेतु राज्यपाल के योगदान पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रसारण भी किया गया, जिसे लोगों ने सराहना के साथ देखा।

इसके पश्चात ट्रान्सजेंडर समुदाय एवं समाज विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें वरिष्ठ नागरिकों द्वारा प्रश्न पूछे गए और समाज में समावेशी सोच, समान अवसर तथा संवेदनशीलता बढ़ाने पर सार्थक चर्चा हुई। राज्यपाल ने कहा कि ट्रान्सजेंडर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समाज में सकारात्मक वातावरण बनाना आवश्यक है। सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मिलना चाहिए।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ट्रान्सजेंडर जन्म से ही होते हैं और उन्हें परिवार में ही रखना चाहिए। किसी भी प्रकार का भेदभाव न किया जाए। यदि किसी परिवार में ट्रान्सजेंडर बच्चा जन्म लेता है तो उसे अपनाना, उसका संरक्षण करना और शिक्षा देना पुण्य का कार्य है। उन्होंने समाज से अपील की कि पड़ोसी या आसपास के लोग टीका-टिप्पणी न करें, बल्कि सहयोग और सम्मान का भाव रखें।

उन्होंने ट्रान्सजेंडर समुदाय से शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने और समाज की मुख्यधारा में आगे आने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि यह पहल बस्ती से शुरू हुई है और यहां सराहनीय कार्य हुआ है, जिसे अन्य जनपदों में भी अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने इंदिरा चैरिटेबल ट्रस्ट के अजय पाण्डेय द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की प्रशंसा की।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल द्वारा “चुनौतियाँ मुझे पसंद हैं” पुस्तिका की दो हस्ताक्षरित प्रतियाँ विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दो महानुभावों को प्रदान की गईं। महेश शुक्ला ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज में समरसता और करुणा के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका मानवी सिंह ने किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, समाजसेवी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने ट्रान्सजेंडर समुदाय के प्रति समाज में सकारात्मक सोच और सम्मान की भावना को और मजबूत किया।

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