मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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विज्ञान केवल भूतकाल की उपलब्धियों पर गर्व करने के बजाय, यह वर्तमान ज्ञान का उपयोग करके बेहतर कल की योजना बनाने की प्रक्रिया है। यह समाज को अंधविश्वास से मुक्त कर तर्कसंगत विकास का मार्ग दिखाता है, जो वास्तव में एक सुनहरे भविष्य की आधारशिला है। जब हम विज्ञान के बारे में सोचते हैं, तो अक्सर हमारे मन में प्रयोगशालाएँ, जटिल उपकरण और पुराने आविष्कार आते हैं। लेकिन वास्तव में, विज्ञान वह दृष्टि है जो हमें यह दिखाती है कि कल की दुनिया कैसी हो सकती है।
विज्ञान सिर्फ खोज नहीं बल्कि भविष्य की नींव भी है, जो मानव जीवन को सरल, स्वस्थ और उन्नत बनाता है। यह चिकित्सा, संचार, अंतरिक्ष और कृषि में क्रांतिकारी बदलावों के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करता है। विज्ञान वह पुल है, जो हमें वर्तमान की सीमाओं से निकालकर भविष्य की संभावनाओं तक ले जाता है। यदि विज्ञान की खोज ‘बीज’ है, तो एक विकसित भविष्य उस बीज से उगने वाला ‘वृक्ष’ है। बिना विज्ञान के, हम एक ऐसे भविष्य की कल्पना भी नहीं कर सकते जो सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध हो।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

