Thursday, February 26, 2026
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श्रीमती ड्रोपती मुर्मू के महामहिम राष्ट्रपति बनने से आदिवासी मूलनिवासी समाज को भाजपा के पूंजीवादी हिंदुत्व से मुक्ति की आश किन्तु आर एस एस बड़ा खेला करना चाहता है. गोपाल ऋषिकर भारती

=========================== अंग्रेजो से आजाद भारत देश के इतिहास में पहली बार आदिवासी समाज की श्रीमती ड्रोपति मुर्मू को महामहिम राष्ट्रपति बनाने के लिए भाजपा सहित विपक्ष के भी अनेकों पार्टियों ने जिसमें आदिवासियों को हिंदुत्व से मुक्ति दिलाकर अलग आदिवासी धर्म कोड की मांग करने वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा जैसी पार्टियां भी सामिल हैं। इतना ही नहीं तो मुर्मुजी के गुरु और गांव के आदिवासियों के भी मार्मिक बयानों से पता चलता है कि सारे देश में आदिवासी समाज भाजपा के जातिवादी ,पूंजीवादी हिंदुत्व से मुक्ति चाहकर संविधान में उनके लिए दिए गए विशेष अधिकारों जिनमे आरक्षण कोटा पूरा होने,पांचवीं छटी अनुसूची का पालन,निजी क्षेत्रों में आरक्षण ,यदि सब न हो तो आदिवासी स्वायत्तता का शासन जैसे अधिकारों की गारंटी मिले। इन बड़ी अपेक्षाओं के साथ आदिवासी समाज ही नहीं तो सारे देश के लोगों ने यहां तक बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन मायावती जी ने भी अपना खुला समर्थन बहुजन समाज के हितों के लिए देकर उन्हें राष्ट्रपति बनाने में दिया है।मान्यवर कांशीराम जी और अन्य नेताओं के नेतृत्व में हमारे द्वारा चलाए गए बाबा साहब डॉ आंबेडकर मिशन के नाम पर बहुजन ,रिपब्लिकन,गोंडवाना और मूलनिवासी आंदोलन का ही करिश्मा है कि आज भारत देश के सर्वोच्च पदों पर तथाकथित ओ बी सी के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी,राष्ट्रपति महामहिम मुर्मू , गृह मंत्री जैन बनिया अमित शाह और ओ बी सी के अधिकांश राज्यो के मुख्य मंत्री बनाए जाने को कांग्रेस और भाजपा को मजबुर होना पड़ा है।किन्तु जातिवादी ,पूंजीवादी विचारों पर चलने वाली आर एस एस और उनके मनुवादी नाथूरामवादी आतंकी संगठन ये सब बर्दास्त नहीं कर पा रहे हैं यही कारण है कि वो हिंदुत्व के नाम पर इनको मोहरा बनाकर पूरे देश के मानवतावादी लोकतंत्र और संवैधानिक ढांचे पर बार बार हमला करते रहते है।
भारत के इतिहास में 52% अन्य पिछड़े वर्गों के आरक्षण से कल्याण के लिए पूर्व प्रधान मंत्री वी पी सिंह के काल में लागू किए गए मंडल कमिशन को महत्वहीन बनाने के लिए आर एस एस की साजिश के तहत भाजपा के तात्कालिक अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में अयोध्या वाला राम मंदिर निर्माण का आंदोलन करके भ्रमित किया गया और वी पी सिंह सरकार को भाजपा ने गिरा दिया।
भारत देश और भारतवासियों, मूलनिवासियों के 4000 वर्षों के पूर्व के विदेशी मनुवादी आक्रांता चिर शत्रुओं जिनकी संख्या अब भारत देश में लगभग 1% हो गई होगी जो अपने को सुपर ब्राह्मण और बाकी 99% ब्राह्मणों ,गैर ब्राह्मणों को नीच और गुलाम मानते हैं के हितों की हवस को पूरा करने के लिए केंद्र की सत्ता में आते ही भारतीय जनता पार्टी अब खुलकर जातिभेद,पूंजीवाद,लिंग भेद और छुआछूत को हिन्दू राष्ट्र बनाने पर आमादा हो चुकी है।यही कारण है कि वो लगातार जय श्रीराम की आड़ में गांधीजी के हत्यारे नाथूराम को भगवान बनाने वाले मनुवादी हिडन एजेंडा को सड़क से लेकर संसद तक लागू करने की बहुत ही साजिश के साथ जल्द बाजी में तेजी से महगांई,बेरोजगारी,हिन्दू मुसलमान ,जाती पाती में हिंसा,नफरत और दुराचार फैलाने ,दंगे करवाने,सार्वजनिक संस्थानों और उद्योगों का निजीकरण करने,भारत की जनता को गुलाम और लाचार बनाने वाली वर्ण और जातीय व्यवस्था को हिंदुत्व के नाम पर लागू करवाने के लिए गुंडागर्दी,तानाशाही और आतंकवादी तरीको से भी काम करने में शरमाते नहीं हैं।
आज भारतीय जनता पार्टी ने आदिवासी समाज का जातीय कार्ड खेलकर नवनिर्वाचित महामहिम तो बनवा दिया किन्तु इस बार उनके इरादे महाभारत काल की ड्रोपति की इज्जत लूटने की बजाय महामहिम को मोहरा बनाकर आदिवासियों के जल ,जमीन,जंगल और जोरू बेटियों की इज्जत अधिकारों को लूटने वाला है। यह भयानक साजिश भारत राष्ट्र के खिलाफ भाजपा और आर एस एस कर लगातार कर रहे हैं। सारे देशवासियों को इन नाथूराम वादी तत्वों से सावधान रहकर राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा के साथ एक जुट रहकर जनांदोलन को आगे बढ़ाना होगा।

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