Thursday, February 26, 2026
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दूतकइया हिंसा मामले में नागरिक संगठनों ने सौंपा ज्ञापन

दूतकइया हिंसा मामले में नागरिक संगठनों ने सौंपा ज्ञापन

मूकनायक/अजय अनंत

बिलासपुर छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के जिला गरियाबंद अंतर्गत थाना राजिम के ग्राम दूतकइया में मुस्लिम परिवारों पर हुए सांप्रदायिक हिंसक हमले, आगजनी एवं प्रशासनिक निष्क्रियता के विरोध में विभिन्न नागरिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने आज कलेक्टर बिलासपुर को महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि 02 फरवरी 2026 को ग्राम दूतकइया में एक निजी विवाद को आधार बनाकर पूरे मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाते हुए संगठित रूप से हिंसा की गई। गांव में निवासरत लगभग 35 मुस्लिम परिवारों के घरों और वाहनों में आगजनी, तोड़फोड़ तथा जानलेवा हमले किए गए।
प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उक्त विवाद दो व्यक्तियों के बीच व्यक्तिगत मामला था, जिसका अन्य मुस्लिम परिवारों से कोई संबंध नहीं था। इसके बावजूद साम्प्रदायिक तत्वों द्वारा पूरे समुदाय को दंडित करना कानून एवं संविधान के विरुद्ध है।
ज्ञापन में गंभीर चिंता जताई गई कि घटना के दो दिन बाद तक न तो समुचित एफआईआर दर्ज की गई और न ही प्रभावी गिरफ्तारियां हुईं। प्रशासन और पुलिस द्वारा समय रहते सुरक्षा एवं राहत उपलब्ध न कराए जाने के कारण महिलाओं और बच्चों सहित 50 से 60 लोग गांव छोड़कर रायपुर के आसपास शरण लेने को विवश हुए।
संगठनों का कहना है कि यह स्थिति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19 एवं 21 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। साथ ही छत्तीसगढ़ में मुस्लिम, ईसाई, दलित एवं आदिवासी समुदायों पर लगातार हो रहे हमले राज्य में कानून व्यवस्था की विफलता को दर्शाते हैं।
ज्ञापन में यह आरोप भी लगाया गया कि राज्य शासन की निष्क्रियता और पक्षपातपूर्ण कार्यवाही से सांप्रदायिक तत्वों का मनोबल बढ़ा है, जिससे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक व्यवस्था को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संगठनों ने महामहिम राष्ट्रपति से संविधान के अनुच्छेद 356 के अंतर्गत हस्तक्षेप कर छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को भंग कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है, ताकि निष्पक्ष प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित हो सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
दूतकइया प्रकरण को लेकर प्रमुख मांगें :
सभी दोषियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर त्वरित गिरफ्तारी की जाए।
पीड़ित परिवारों को सुरक्षा, सुरक्षित पुनर्वास एवं उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
घायलों का निःशुल्क एवं समुचित उपचार कराया जाए।
प्रशासनिक लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
स्थानीय एवं जिला स्तर पर शांति समिति का गठन किया जाए।
ज्ञापन सौंपने के बाद हुई सामूहिक चर्चा में सभी वर्गों एवं समुदायों के बीच सद्भाव और सामाजिक एकता के लिए कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
इस ज्ञापन प्रस्तुति में SC/ST/OBC, सामान्य वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
जारीकर्ता :
लखन सुबोध
केंद्रीय संयोजक, गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS)
संपर्क :
अजय अनंत, कार्यालय सचिव (GSS)
मोबाइल : 7879520137

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