Thursday, February 26, 2026
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मनरेगा बचाव पदयात्राजनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनआवाज़ 21 को ग्राम जोरापारा तखतपुर मे

मनरेगा बचाव पदयात्रा
जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनआवाज़ 21 को ग्राम जोरापारा तखतपुर मे

मूकनायक

कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी

बिलासपुर छत्तीसगढ़

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार
जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर के नेतृत्व मेंतखतपुर विधानसभा क्षेत्र में
मनरेगा बचाव पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है।यह पदयात्रा
ग्राम जोरापारा से प्रारंभ होकर
मोछ, खैरी होते हुए
ग्राम गिरधौना तक निकाली जाएगी,
जिसकी कुल दूरी लगभग 5 किलोमीटर रहेगी।

इस पदयात्रा के माध्यम से
केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ
आम जनता की आवाज़ को बुलंद किया जाएगा
तथा मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना के साथ हो रहे
अन्याय और कटौती का पुरज़ोर विरोध किया जाएगा।

इस पदयात्रा में
प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी,
शहरी एवं ग्रामीण वरिष्ठ कांग्रेसी,
सेवादल, युवा कांग्रेस, NSUI,
किसान कांग्रेस, महिला कांग्रेस,
सोशल मीडिया एवं आईटी सेल,
विभिन्न आयोग एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी साथीगण
उपस्थित रहेंगे।

यह पदयात्रा
दिनांक: 21 जनवरी 2026
समय: दोपहर 1:00 बजे
प्रारंभ स्थल: ग्राम जोरापारा व
समापन: ग्राम गिरधौना होगा।

इस पदयात्रा में
प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी,
शहरी एवं ग्रामीण वरिष्ठ कांग्रेसी,
सेवादल, युवा कांग्रेस, NSUI,
किसान कांग्रेस, महिला कांग्रेस,
सोशल मीडिया एवं आईटी सेल,
विभिन्न आयोग एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी साथीगण
उपस्थित रहेंगे।

श्री महेंद्र गंगोत्री
जिलाध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी बिलासपुर (ग्रामीण)अभ्युदय (जित्तू) तिवारी
अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तखतपुर (ग्रामीण)ने
समस्त कांग्रेसजनों, मनरेगा श्रमिकों एवं आम नागरिकों
से अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर
इस जनआंदोलन को सफल बनाएं।

गौरतलब है कि
कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने और इसके स्वरूप में बदलाव के फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। कांग्रेस का आरोप है कि यह फैसला ग्रामीण भारत, गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर देशभर के सभी प्रदेशों, जिलों और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन, धरना, सत्याग्रह और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए जीवन रेखा है, जिसे महात्मा गांधी के नाम से जोड़कर सामाजिक न्याय और अधिकार की भावना को मजबूत किया गया था।
कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार राजनीतिक द्वेष के चलते महात्मा गांधी के नाम और उनकी विचारधारा को योजनाओं से हटाने का प्रयास कर रही है। यह कदम संविधान के मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि जब तक मनरेगा का नाम और उसका अधिकार-आधारित स्वरूप सुरक्षित नहीं रखा जाता, तब तक पार्टी सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी ने आम जनता, मजदूरों और किसानों से इस आंदोलन में शामिल होकर अपने अधिकारों की रक्षा करने की अपील की है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह मनरेगा के नाम बदलने का फैसला तुरंत वापस ले और ग्रामीण रोजगार, मजदूरी भुगतान तथा कार्यदिवस बढ़ाने जैसे वास्तविक मुद्दों पर ध्यान दे।

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