मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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जिस परिवार की जड़ें (मूल्य, संस्कार, आपसी समझ) मजबूत होती हैं, वह हर मुश्किल घड़ी में चट्टान की तरह खड़ा रहता है, क्योंकि ऐसे परिवार में एकता, आत्मबल, और आपसी सहयोग होता है, जो हर चुनौती का सामना करने की शक्ति देता है और व्यक्ति के चरित्र व व्यक्तित्व को निखारता है, जिससे वे जीवन में सफल होते हैं। जिस प्रकार एक मजबूत जड़ों वाला पेड़ बड़े से बड़े तूफान में भी अडिग खड़ा रहता है, उसी प्रकार एक संगठित और मजबूत संस्कारों वाला परिवार ही जीवन की हर चुनौती का सामना कर सकता है ।
भौतिक संपत्तियां आती-जाती रहती हैं, लेकिन परिवार की मजबूती वह स्थायी पूंजी है, जो संकट के समय सबसे अधिक काम आती है। मजबूत पारिवारिक जड़ें, जो एकता, प्रेम, त्याग और आपसी सहयोग पर टिकी होती हैं, किसी भी परिवार को हर मुश्किल का सामना करने की शक्ति देती हैं । ऐसे परिवार भावनात्मक सहारा, सही मार्गदर्शन और सामूहिक शक्ति के कारण विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बनाए रखते हैं, जिससे वे चुनौतियों से मजबूती से निपट पाते हैं और हर मुश्किल को पार कर जाते हैं।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

