भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद एवं बहुजन क्रान्ति मोर्चा का संयुक्त आयोजन।
मूकनायक/एम एस गौतम/सिरोही/राजस्थान।
सिरोही: 11जनवरी 2026, रविवार को सामाजिक न्याय, आदिवासी अधिकारों और बहुजन समाज की एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से सिरोही में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद तथा बहुजन क्रान्ति मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व प्राचार्य जी.आर. गोयल ने किया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक परिवर्तन के लिए वैचारिक प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आदिवासी एवं बहुजन समाज की एकता को राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव बताते हुए कार्यकर्ताओं से सामाजिक मूल्यों को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया। गोयल ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्य प्रशिक्षक के रूप में इंजीनियर भंवर लाल सुखाड़िया ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। सुखाड़िया, जो सामाजिक आंदोलनों में लंबे समय से सक्रिय हैं, ने प्रशिक्षण सत्र में सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की लड़ाई पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि कैसे संगठित प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उनके सत्र में व्यावहारिक उदाहरणों और केस स्टडीज के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उपस्थित लोगों में नई ऊर्जा का संचार हुआ। प्रशिक्षण की प्रस्तावना बामसेफ के प्रदेश महासचिव समन्वयक मान्यवर तोला राम फाचरिया द्वारा रखी गई। फाचरिया ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा, “यह प्रशिक्षण न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान है, बल्कि एक क्रांतिकारी कदम है जो बहुजन समाज को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाएगा। हमें एकजुट होकर उन ताकतों का मुकाबला करना है जो असमानता को बढ़ावा देती हैं।” उनकी प्रस्तावना ने पूरे कार्यक्रम को दिशा प्रदान की और प्रतिभागियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के जिला संयोजक मोहन लाल मीणा ने आदिवासी समुदायों की चुनौतियों पर अपने बहुमूल्य सुझाव रखे। मीणा ने जोर दिया कि आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए शिक्षा और संगठन आवश्यक हैं। उन्होंने कहा, “आदिवासी समाज की एकता ही उनकी ताकत है, और ऐसे कार्यक्रम इस एकता को मजबूत करते हैं।” इसी क्रम में बहुजन क्रान्ति मोर्चा के जिला संयोजक एडवोकेट सुंदर लाल मोसलपुरिया ने कानूनी दृष्टिकोण से बहुजन समाज की समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यकर्ताओं को कानूनी ज्ञान से लैस होना चाहिए ताकि वे अन्याय के खिलाफ प्रभावी ढंग से लड़ सकें। मोसलपुरिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “कानून हमारा हथियार है, और इसे सही तरीके से इस्तेमाल करने से हम क्रांति ला सकते हैं।” कार्यक्रम के अंत में BVM टू RMBBS राजस्थान प्रदेश प्रभारी मान्यवर सुरेश कुमार नोगिया ने उपस्थित प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। नोगिया ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आप सभी की उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया है। यह केवल एक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।” उनके धन्यवाद ज्ञापन ने कार्यक्रम को सकारात्मक नोट पर समापन किया। उक्त कार्यक्रम का मंच संचालन बामसेफ के जिलाध्यक्ष संजय नारोलिया द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। नारोलिया ने सभी वक्ताओं को समयबद्ध तरीके से मंच प्रदान किया और चर्चाओं को सुचारू रूप से चलाया। उनके संचालन ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाया। यह कार्यक्रम सिरोही जिले में सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुआ है। आयोजकों का मानना है कि ऐसे आयोजन भविष्य में और बड़े स्तर पर आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की सराहना की और इसे समाज सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

