Thursday, February 26, 2026
Homeदेश"जो होगा, वह अच्छा ही होगा", की सोच इंसान को निडरता से...

“जो होगा, वह अच्छा ही होगा”, की सोच इंसान को निडरता से चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों से लड़ने और उन्हें स्वीकार करने की देती है हिम्मत

मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
✍️✍️
मनुष्य अक्सर उन घटनाओं को लेकर डरता है जो अभी तक घटी ही नहीं हैं। “अगर ऐसा हो गया तो क्या होगा?” यह चिंता हमारे वर्तमान की शांति को छीन लेती है। इसके विपरीत, जब हम यह विश्वास कर लेते हैं कि आने वाला समय हमारे लिए शुभ ही होगा, तो हमारा मस्तिष्क तनाव मुक्त हो जाता है। यह सोच हमें कठिन परिस्थितियों में भी टूटने के बजाय उनसे लड़ने का साहस प्रदान करती है। यह दृष्टिकोण हमें यह सिखाता है कि हर अनुभव, चाहे वह सफलता हो या विफलता, हमें कुछ नया सिखाने और परिपक्व बनाने के लिए आता है।
वहीं “जो होगा, वह अच्छा ही होगा” की भावना हमें एक सुरक्षा कवच भी प्रदान करती है, जिससे हम निडर होकर अपने लक्ष्यों की ओर बढ़़ते हैं। इसीलिए जीवन उतार-चढ़ाव का नाम है। हम भविष्य को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन अपनी सोच को अवश्य नियंत्रित कर सकते हैं। यह सकारात्मक दृष्टिकोण ना केवल हमारे मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि हमें एक संतोषजनक और निर्भय जीवन जीने की प्रेरणा भी देता है। इसलिए, सकारात्मक रहें और विश्वास रखें कि नियति ने आपके लिए जो भी चुना है, वह अंततः आपके हित में ही होगा।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments