मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
✍️✍️
सलाह उनसे लीजिए जो हारे हुए हैं और अनुभव उनसे लीजिए जो विजेता है क्योंकि सफलता हासिल करने के लिए हारने वालों की सलाह और जीतने वालों के अनुभव दोनों महत्वपूर्ण हैं। हारे हुए व्यक्ति की सलाह हमें गलतियों से सीखने का मौका देती है, जबकि जीते हुए व्यक्ति का अनुभव हमें सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। दोनों ही जीवन की राह में बहुमूल्य मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
ठोकर लगने वाले को सलाह देने की जरूरत नहीं है। ठोकर खुद उसे सलाह दे देती है। इसलिए जो सहज में मिले, उसे अपने लिए अमृत समझें। मांगने से जो मिले, वह पानी के समान है, लेकिन जिसके लिए माथाफोड़ी और खींचतान करनी पड़े, वह रक्तपान के समान त्याग के योग्य है। बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि अपने लिए कीजिए योग, औरों के लिए कीजिए सहयोग। आपका थोड़ा-सा सहयोग गिरने वाले के लिए कंधा देने के समान होगा।फिर चाहे सहयोग तन से दीजिए या धन से अथवा समय और श्रमदान से..
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

