Thursday, February 26, 2026
Homeबालाघाटमुस्लिम एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसायटी बालाघाट का सराहनीय प्रयास,इज्तेमाई निकाह में गूँजी...

मुस्लिम एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसायटी बालाघाट का सराहनीय प्रयास,इज्तेमाई निकाह में गूँजी खुशियों की आवाज़ — 16 जोड़ों ने कहा ‘कबूल’, अब तक 300 से अधिक जोड़ों का हो चुका विवाह

मूकनायक /आकाश घरडे़
बालाघाट/ मध्य प्रदेश

बालाघाट।रविवार 16 नवंबर को अंजुमन शादी हॉल में आयोजित इस इज्तेमाई शादी में सोसायटी की जानिब से 16 मुस्लिम नवयुवक-युवती जोड़ों का निकाह इस्लामी रस्मो रिवाज के साथ तहत कराया गया।साथ ही निकाह कुबूल करने वाले तमाम मुस्लिम जोड़ों को सोसाइटी की ज़ानिब से उपहार स्वरूप घर-ग्रहस्थी की सामग्रियों का वितरण कर,निकाह में मौजूद तमाम लोगों को लंगर ए मोहम्मदी तक्सीम किया गया।

मुस्लिम एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसायटी बालाघाट द्वारा हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्य इज्तेमाई निकाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें समाज की एकता, भाईचारे और मानवीय सेवा की झलक साफ दिखाई दी। इस सामूहिक विवाह समारोह में कुल 16 जोड़ों ने निकाह कबूल किया, जिसके साथ ही संस्था द्वारा अब तक 300 से अधिक गरीब, जरूरतमंद और असहाय जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विवाह के बोझ से मुक्ति दिलाना और सामाजिक एकता को मजबूत करना है। सामूहिक निकाह के माध्यम से न केवल सामाजिक सहयोग का संदेश प्रसारित होता है, बल्कि आपसी प्रेम और सौहार्द भी मजबूत होता है।

समारोह में महाराष्ट्र के मुफ़्ती-ए-आजम की विशेष मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। उन्होंने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि मुस्लिम एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसायटी बालाघाट का यह प्रयास बेहद प्रशंसनीय है, क्योंकि यह समाज को सही दिशा में ले जाने वाला नेक कदम है।

मौके पर बड़ी संख्या में समाज के लोग, परिजन, महिलाएँ और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सजावट, व्यवस्था और मेहमाननवाज़ी में समिति की सक्रियता और अनुशासन स्पष्ट दिखाई दिया। प्रत्येक जोड़े को शादी के लिए आवश्यक सभी सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुएँ भी प्रदान की गईं।

मुस्लिम एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसायटी बालाघाट ने बताया कि भविष्य में भी वह इसी तरह सेवा के कार्य जारी रखेगी और अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचकर उन्हें सहायता प्रदान करेगी।

समारोह के समापन पर दुआख्वानी की गई और नवविवाहित जोड़ों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments