मूकनायक जिला ब्यूरों चीफ सांचोर रिडमल राम परमार
सांचौर, 18 अक्टूबर 2025
सांचौर शहर में बौद्ध धर्म का प्रमुख पर्व पवारणा दिवस एवं चीवर दान महामहोत्सव-2025 अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया।


डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर उद्यान, बी ढाणी, सांचौर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने स्थानीय समाज में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण का संचार किया।
यह जानकारी द बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के जिला अध्यक्ष घेवर बौद्ध ने दी।


कार्यक्रम का संचालन भंते डॉ. नन्दवरो पञ्ञासिरी (सिद्धार्थ वर्धन), महासचिव – राजस्थान बौद्ध भिक्षु संघ के कुशल निर्देशन में हुआ।
इस अवसर पर भिक्षु डॉ. पञ्ञासिरी को उनके माता-पिता श्रीमती ओखी देवी एवं श्री प्रभुराम धर्माणी (हाड़ेचा) ने उनके प्रथम वर्षावास की समाप्ति पर कठिन चीवर अर्पित किया। साथ ही अन्य दस भिक्षुओं को भी चीवर दान किया गया।
बौद्ध परंपरा में चीवर दान भिक्षुओं के प्रति श्रद्धा और करुणा का प्रतीक माना जाता है।


महोत्सव में धर्मदेशना, उपदेश एवं बौद्ध वंदना का आयोजन हुआ, जिसमें भिक्षुओं ने बुद्ध की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पवारणा दिवस आत्मचिंतन, करुणा और अष्टांगिक मार्ग की पुनःस्मृति का पर्व है।

इसी अवसर पर किशोर संस्कार आवासीय शिविर का भी समापन हुआ। शिविर का उद्देश्य युवाओं में बौद्ध दर्शन, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। शिविर में भाग लेने वाले किशोरों ने इसे “जीवन-परिवर्तनकारी अनुभव” बताया।



समापन सत्र में भंते डॉ. नन्दवरो पञ्ञासिरी ने कहा कि —
“पवारणा दिवस आत्मचिंतन का अवसर है। चीवर दान केवल भौतिक सहायता नहीं, बल्कि भिक्षुओं और समाज के बीच आध्यात्मिक संबंध को मजबूत करने का माध्यम है। हमें बुद्ध की शिक्षाओं को अपनाकर समाज में शांति और समानता की स्थापना करनी चाहिए।”
घेवर बौद्ध ने बताया कि यह आयोजन सांचौर में बौद्ध समुदाय की एकता और डॉ. अम्बेडकर उद्यान को धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे और आयोजन कर युवाओं को बौद्ध धर्म की मूल भावना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।


कार्यक्रम का समापन बौद्ध मंगलपाठ के साथ हुआ, जिससे वातावरण में शांति और संतोष की भावना व्याप्त हो गई।

