मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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दिल में जलने वाली आग कोई साधारण आग नहीं होती। यह हमारे भीतर का सबसे गहरा और प्रबल जुनून है। यह एक ऐसी प्रेरणा है जो हमें हमारे लक्ष्यों की ओर लगातार धकेलती रहती है। जब कोई व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होता है, तो वह हर बाधा को एक अवसर के रूप में देखता है । एक वादा अक्सर कई बाधाओं से घिरा होता है। जब तक किसी के पास उस वादे को पूरा करने का मजबूत कारण नहीं होता, तब तक वह आसानी से हार मान लेता है। लेकिन जब दिल में आग हो, तो कोई भी वादा और लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं लगता ।
जब किसी व्यक्ति के भीतर कुछ हासिल करने का प्रबल जुनून, उत्साह और दृढ़ संकल्प होता है, तो उसके लिए कोई भी बाधा या चुनौती बड़ी नहीं होती। जब मन में सफलता की ज्वाला धधक रही हो, तो हर मुश्किल छोटी लगने लगती है और हर वादा पूरा करने योग्य होता है। अगर दिल में आग हो तो कोई भी वादा बड़ा नहीं होता।” यह कहावत हमें सिखाती है कि हमारी आंतरिक शक्ति, हमारा जुनून और हमारा समर्पण ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। जो लोग अपने दिल में इस आग को जलाए रखते हैं, वे न केवल अपने वादे पूरे करते हैं, बल्कि दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनते हैं। सफलता बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि हमारे अंदर की उस मजबूत इच्छाशक्ति पर निर्भर करती है, जो हमें कभी हारने नहीं देती।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

