Thursday, February 26, 2026
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सीटू का दो दिवसीय 11वां ज़िला स्तरीय सम्मेलन सौली खड़ मंडी में शुरू |


ठाकुर दास भारती सह प्रभारी हिमाचल प्रदेश | सीटू का 11वां ज़िला सम्मेलन आज सौली खड्ड मंडी में शुरू हुआ जो अगले कल तक चलेगा। सम्मेलन की शुरुआत सीटू का झंडा फहराने और शहीद वेदी पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ शुरू हुआ। ये सम्मेलन ज़िला प्रधान भूपेंद्र सिंह रेहड़ी यूनियन के सुरेंद्र शर्मा आंगनबाड़ी यूनियन की अर्चना मिड डे मील की अहल्या देवी औऱ एम्बुलेंस यूनियन के सुमित कुमार की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा है। जिसका उदघाट्न सीटू के राज्य महासचिव कॉमरेड प्रेम गौतम ने किया।उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सीटू मज़दूरों में हकों की लड़ाई लड़ता है लेकिन अंतिम लक्ष्य देश में समाजवादी व्यवस्था क़ायम करना है।आज़ादी के बाद हमारे देश में पूंजीवादी व्यवस्था मजबूत हुई है जिसमें कुछ मुठी भर पूंजीपति और कम्पनियां धन दौलत इकठ्ठा कर रही है लेकिन बहुसंख्यक आबादी गरीबी रेखा से नीचे जीवन जी रहे हैं।अब स्थिति ये आ गयी है कि रोज़गार जो कभी रेगुलर आधार पर मिलता था वो अब कुछ घण्टो का मिल रहा है।मज़दूरों के हकों के लिए बने श्रम कानूनों को समाप्त कर दिया गया है जिससे मज़दूरों का शोषण आने वाले समय में और तेज़ी से बढ़ेगा।पिछले दस साल में केंद्र की मोदी सरकार ने मनरेगा, मिड डे मील, बालविकास परियोजना, आशा वर्करों के मानदेय में कोई बृद्धि नहीं कि है और प्रचारित ये किया जा रहा है कि मोदी सरकार मज़दूरों की हिमायती है। केंद्र सरकार ने पिछले दस सालों में बड़ी बड़ी कम्पनियों का लाखों करोड़ रुपए मुआफ़ कर दिया है लेकिन मज़दूरों और आम जनता के लिए कोई राहत नहीं दी जा रही है।मोदी सरकार धर्म के नाम पर समाज और मज़दूर वर्ग में विभाजनकारी जहर भर रही है।इसलिये सीटू हमेशा भाईचारे को मजबूत करने और विभाजनकारी ताकतों के खीलाफ़ सँघर्ष करती आई है और आगे भी जारी रखेंगे।उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार भी केंद्र सरकार की नवउदारवादी आर्थिक नीतियों का ही अनुशरण कर रही है और सुखू सरकार ने तो ट्रेंनिग करने वाले रोजगार को भी कमज़ोर कर दिया।पिछले तीन साल से विभिन्न विभागों में ख़ाली पड़े पदों को नहीं भरा जा रहा है।हिमाचल प्रदेश में बन रहे राष्ट्रीय उच्च मार्गों, फोरलेन व प्रोजेक्टों में स्थानीय बेरोजगारों को निर्धारित नीति के अनुसार रोज़गार नहीं मिल रहा है लेक़िन सरकार आंख बंद करके तमाशा देख रही है।हिमाचल राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड में लाख से ज़्यादा निर्माण व मनरेगा मज़दूरों के पांच सौ करोड़ रुपए के लाभ रोक कर रखे हैं और ये सब हिमाचल सरकार के मुख्यमंत्री के इशारों पर हो रहा है।प्रदेश में एम्बुलेंस कर्मचारियों की लम्बे अरसे से मांगे कंपनी लागू नहीं कर रही है इसलिए आने वाले समय में केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ़ आंदोलन तेज किया जायेगा।

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