मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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आज का जमाना ही ऐसा हो गया है जिसमें लोग दूसरों की खुशी को बर्दाश्त नहीं कर पाते तथा वो अच्छे मित्र होने का दिखावा करके सांत्वना देने के लिए आते हैं जिससे वह खुद तो खुशी अनुभव करते हैं, लेकिन दूसरा अंदर से दुखी होता है । आजकल बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जो हमें यह दिखावा करते हैं कि वह हमारे दुख में दुख का अनुभव कर रहे हैं, लेकिन ऐसा दिखावा करके वह अपने अंदर खुशी का अनुभव करते हैं । इसलिए ऐसे लोगों से सहानुभूति अवश्य रखें, लेकिन इसके साथ साथ सतर्क भी रहें और उनकी असुरक्षा को समझने की कोशिश करें, लेकिन उनके नकारात्मक व्यवहार को स्वीकार ना करें।
वहीं कुछ लोग जो दूसरों की खुशी को बर्दाश्त नहीं कर पाते और फिर भी दोस्ती का दावा करते हैं, उनके इस व्यवहार के पीछे कई मनोवैज्ञानिक कारण हो सकते हैं। इन लोगों में अक्सर असुरक्षा की भावना, ईर्ष्या या अपने जीवन में असंतोष की भावना होती है। ऐसे लोग दूसरों की खुशी को देखकर खुद को कमतर महसूस कर सकते हैं, जिससे उन्हें खुशी का नाटक करना पड़ता है। इसलिए सकारात्मक लोगों का साथ ढूंढें और ऐसे लोगों के साथ समय बिताएं जो आपकी खुशी में सचमुच खुश होते हैं।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

