मूकनायक | बी पी बौद्ध पत्रकार भिंड-दतिया मप्र
भिंड, 20 सितंबर। भिंड जिले के दबोह और आलमपुर थाना क्षेत्र में इन दिनों हथियारबंद बदमाशों ने मानो ‘राज’ जमा लिया है। तीन दिन में तीन लूट की वारदातें—वह भी महिलाओं को निशाना बनाकर—ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि आखिर पुलिस गश्त होती कहाँ है? और अगर होती भी है तो बदमाशों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगती?–
गैंथरी रोड: कट्टे के साए में लूट
शुक्रवार रात करीब 8:35 बजे बेलमा निवासी उमेश त्रिपाठी अपनी पत्नी संग बाइक से गाँव लौट रहे थे। गैंथरी रोड पर जैसे ही वे पहुँचे, तीन बाइक सवार बदमाशों ने उनकी बाइक रोक ली।कट्टा दिखाकर उमेश की पत्नी से सोने का मंगलसूत्र, जंजीर, बाला और ₹15,400 नकद लूट लिए। बदमाश इतनी आसानी से फरार हुए जैसे इलाके में पुलिस नाम की कोई चीज़ हो ही नहीं।–
ज्ञानपुरा मोड़: मां-बेटे को बनाया शिकार
अगले ही दिन शैलेंद्र कटोरे (चटसारी, जालौन) अपनी मां के साथ बाइक से जा रहे थे। ज्ञानपुरा मोड़ से पहले ही बदमाशों ने रोक लिया और सोने का मंगलसूत्र, सुई-धागा, चांदी की पायल और ₹3,000 नकद लूट लिए।वारदात के बाद मां-बेटे की हालत ऐसी थी मानो पुलिस के भरोसे निकलना अब खुद के साथ अन्याय करना हो।-
कांक्सी सरकार मंदिर मोड़ : ₹55 हजार की लूट
17 सितंबर को फरदुआ निवासी महेंद्र सिंह शाक्य पत्नी के साथ रात में लगभग 8 बजे लौट रहे थे। तभी बदमाशों ने उनकी पत्नी से जेवर और नकदी मिलाकर करीब ₹55,000 लूट लिए। हथियार की नोंक पर हुई यह वारदात इलाके के लिए किसी खुले चैलेंज से कम नहीं।–
लोगों में दहशत का माहौल
तीन दिन में तीन वारदातें… सवाल ये है कि आखिर गश्त कहाँ हो रही है? बदमाश सुनसान सड़कों पर खुलेआम लोगों को लूट रहे हैं और वारदात के बाद आराम से फरार हो जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस केवल बयान देने तक सीमित है, जबकि इलाके में डर का माहौल है।पुलिस का दावा है कि टीमें गठित की गई हैं और बदमाश जल्द पकड़े जाएंगे। लेकिन जनता का सवाल है—क्या बदमाश पुलिस से तेज हैं, या पुलिस सचमुच सो रही है? अब देखना यह होगा कि पुलिस इन लूटों का पर्दाफाश करती है या फिर बदमाश अगली वारदात का ‘लोकेशन’ तय कर रहे हैं।

