मूकनायक/ आकाश घरडे़
बालाघाट /म.प्र
बालाघाट। बुधवार को दी बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया ने बालाघाट में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन ने जिले में स्थित महाबोधि महाविहार, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के जन्मस्थली महू एवं दीक्षाभूमि नागपुर का आधिपत्य बौद्ध समाज को सौंपे जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए प्रदेश अध्यक्ष चरणदास डेंगरे ने कहा कि महाबोधि महाविहार बौद्ध धर्म का ऐतिहासिक स्थल है, जिसका संरक्षण एवं संचालन बौद्ध समाज के हाथों में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर की जन्मस्थली महू और दीक्षाभूमि नागपुर भी करोड़ों अनुयायियों की आस्था के प्रतीक हैं, इसलिए इन स्थानों की संपत्ति भी दी बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया को सौंपी जानी चाहिए।
डेंगरे ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल बौद्ध समाज का ही नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और ऐतिहासिक धरोहर के सम्मान का प्रश्न है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी मौजूद रहे। इस अवसर पर संगठन से जुड़े कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित हुए। सभा के अंत में प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर मांगों से अवगत कराया गया।
अंबेडकर चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन ने बौद्ध समाज की एकजुटता और अपने अधिकारों को लेकर सजगता को स्पष्ट कर दिया।

