मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश
बस्ती। शहर के शास्त्री चौक पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के बैनर तले चार सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। धरना के दौरान मौके पर पहुँची कोतवाली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे पाँच लोगों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष आर.के. आरटीएन ने आरोप लगाया कि हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने कोतवाली में उनके साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद प्रशासन की अनुमति पर ही धरना-प्रदर्शन किया गया था। इसके बावजूद पुलिस ने शास्त्री चौक से जबरन उन्हें और संगठन के कार्यकर्ताओं को उठाकर थाने में बंद कर दिया।
आर.के. आरटीएन ने बताया कि कोतवाली में कुछ देर रहने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनके सीने और कान में तेज दर्द बना हुआ है। उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चौकी इंचार्ज सिबिल लाइन अजय सिंह शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए बल प्रयोग किये और हमें बहुत मारे, जो पूरी तरह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
इस मामले पर संगठन के पदाधिकारी हृदय गौतम ने चेतावनी दी कि यदि घटना की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो संगठन मजबूर होकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा और उग्र आंदोलन भी करेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्यवाही ने कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने का काम किया है, लेकिन मोर्चा अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेगा।
फिलहाल घटना के बाद शहर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। स्थानीय प्रशासन व पुलिस अधिकारियों ने इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

