मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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जिस इंसान के पास सबसे कम शिकायतें होती हैं, वही सुखी होता है, यह कथन इस विचार पर आधारित है कि शिकायत करने से नकारात्मकता बढ़ती है, तनाव पैदा होता है और जीवन की गुणवत्ता कम होती है, जबकि शिकायतों को कम करने और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने से आंतरिक शांति, संतुष्टि और सुख प्राप्त होता है। शिकायत करने के बजाय, परिस्थितियों को स्वीकार करना, कृतज्ञता व्यक्त करना और सकारात्मकता पर ध्यान केंद्रित करना व्यक्ति को खुशहाल जीवन जीने में मदद करता है।
जीवन का असली सुख भौतिक वस्तुओं या बाहरी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि आंतरिक संतोष, आत्म-सम्मान, स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन में निहित है, जो आत्म-जागरूकता और रिश्तों में प्रेम व करुणा से प्राप्त होता है और जीवन के प्रति जिस व्यक्ति के पास सबसे कम शिकायतें हैं, वही सबसे अधिक सुखी है, जीवन में श्वांस और विश्वास की एक समान जरूरत होती है, श्वांस खत्म तो जिंदगी का अंत और विश्वास खत्म तो सम्बन्धों का अंत निश्चित है । आपकी मनोवृति ही आपकी महानता को निर्धारित करती है । इसलिए डर भगाने की बजाए अपने सपनों को साकार करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहे
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

