

मूकनायक/ अजय अनंत
छत्तीसगढ़
दिनांक 25-08-25 को ग्राम खैरा (जयरामनगर) में उपरोक्त शीर्षांतर्गत जनसुनवाई कार्यक्रम हुआ। इसमें बड़ी संख्या में प्रशासन-पुलिस व कंपनी के घोषित-अघोषित कारकून- विभीषण एवं कोलवाशरी के खतरनाक दुष्प्रभाव से आशंकित आम ग्रामीण जन भी उपस्थित थे।
ज्ञात हो कि, "लोक सिरजनहार यूनियन" (LSU) की एक टीम LSU अध्यक्ष लखन सुबोध, महासचिव वीरेन्द्र भारद्वाज एवं LSU की मित्र संगठन *CBA (छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन) PUCL (पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टी) की नेता एडवोकेट शालिनी गेरा एवं सुश्री शमा सुब्रमण्यम के साथ कोल वाशरी प्रस्तावित क्षेत्र के गांव भिलाई,रलिया में जाकर समस्त बातों का अध्ययन व रिपोर्ट तैयार किया गया।
LSU ने इस मुद्दे को व्यापक जन आधार वाले जनांदोलन संगठित करने "कोलवाशरी दुष्प्रभावित ग्रामीण संघर्ष समिति" (CWDGSS) का गठन किया। जिसका कार्यालय- राजाराय का मकान- बेलटुकरी मोड़ भिलाई, मस्तूरी क्षेत्र जिला बिलासपुर (छ.ग.) रखा गया है।
अध्ययन व रिपोर्ट तैयार करने में प्राथमिक जानकारी उपलब्ध कराने में श्री किशोर भार्गव (पूर्व सरपंच रलिया),श्री श्यामलाल पटेल (पूर्व सरपंच भिलाई),श्री गोवर्धन यादव, राजाराय (भिलाई),श्री ईश्वर बंधे (भिलाई) का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस रिपोर्ट के आधार पर CWDGSS के तरफ से जनसुनवाई में आपत्ति दर्ज कराया गया। इस रिपोर्ट को LSU अध्यक्ष लखन सुबोध द्वारा सार्वजनिक मंच में पठन किया एवं संदर्भित संभाषण दिया।
आपत्ति दर्ज कराए गये बिंदुओं को सुनकर आम ग्रामीणों ने हर्षध्वनि से स्वागत किया और उत्साहित नौजवानों ने लखन सुबोध जिंदाबाद के नारे भी लगाए।
उपस्थिति मीडिया ने भी प्रमुखता से LSU/CWDGSS के बिंदुओं को ही अपने न्यूज़ में फोकस किया है। कई प्रमुख मीडिया ने श्री सुबोध का बाइट भी लिया।
हम, प्रशासनिक/कंपनी की आगे की कार्यवाही का इंतजार कर रहे हैं। यदि जनता के हितों के विपरीत कार्य किया जाएगा तो, हर तरह से मैदानी व कानूनी लड़ाई के लिए समस्त मुद्दा समर्थित जन-गण-मन मिलकर न्याय के लिए लड़ाई लड़ने तैयार हैं।
जनसुनवाई में उठाए गए बिंदुओं को जाने:-
प्रति,
प्रभारी अधिकारी, जन सुनवाई – Arpa Coal Beneficiation and Energy LLP ग्राम भिलाई एवं रालिया, तहसील मस्तूरी, जिला बिलासपुर
विषय – दिनांक 25-08-2025 को ग्राम भिलाई एवं रलिया, तहसील मस्तूरी, जिला बिलासपुर में प्रस्तावित Arpa Coal Beneficiation and Energy LLP के विषय में जन सुनवाई में ग्रामीणों द्वारा आपत्तियाँ दर्ज करवाने हेतु
महोदय,
आपसे सनम्र निवेदन है कि ग्राम भिलाई एवं रालिया, तहसील मस्तूरी, जिला बिलासपुर में प्रस्तावित Arpa Coal Beneficiation and Energy LLP की स्थापन से घोर आपत्ति है और आज इसकी स्थापना हेतु आयोजित जन सुनवाई का भी हम विरोध करते हैं, जिसका कारण निम्न है –
- जन सुनवाई के स्थान संबंधी आपत्ति- जहाँ की जमीन ली जा रही है, उस गाँव में ही जनसुनवाई होनी चाहिये। परन्तु आज जहाँ जन सुनवाई हो रही है, वह गाँव से दूर है, रेल पटरी के दूसरी तरफ है, जिस वजह से प्रभावित लोगों को आने में परेशानी है। अतः इस जन सुनवाई को निरस्त कर, कोल वाशरी की प्रस्तावित ज़मीन के पास इस जन सुनवाई को करवाना चाहिये।
- प्रोजेक्ट की जानकारी लोकल भाषा (हिन्दी) में नहीं दी गई है, हमें इस प्रोजेक्ट की जानकारी समय से नहीं दी गई है। हमें जो भी जानकारी मिली है, वह अंग्रेज़ी भाषा में ही है, जिसे हम नहीं समझ सकते। कानून के मुताबिक इस क्षेत्र में हिन्दी में जानकारी देनी चाहिये थी, इसलिये इस जन सुनवाई की कोई मान्यता नहीं है।
- हमें रोज़गार की उपलब्धता का झांसा दिया जाता है, और बरगलाया जाता है, पर आज दिनांक तक हमें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है कि कितनी नई नौकरियाँ उपलब्ध होंगी, किस श्रेणी की होंगी, सथाई होंगी कि अस्थाई होंगी, और उनकी क्या पात्रता होगी। इस जानकारी के अभाव में यह जन सुनवाई स्थगित होनी चाहिये।
- हमारी जमीन को धोका देकर खरीदा गया है। हमसे बोला गया कि कृषि प्रयोग के लिये ज़मीन खरीदी जा रही है। अगर हमें पता होता कि ज़मीन पर कोल वाशरी बनेगी, तो हम बिक्री के लिये कभी सहमत नहीं होते।
- अगर इस जमीन को उद्योग के लिये उपयोग किया जाना था, तो इसका नियमित रूप से भू अर्जन कानून 2013 के अंतर्गत अधिग्रहण किया जाना चाहिये थे, जिससे हमें मुआवजा भी ज्यादा मिलता और नौकरी और अन्य लाभ भी मिलते।
- यह क्षेत्र हरित क्षेत्र है। इससे जमीन और फसल बुरी तरह से बरबाद हो जायेगा और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
- पहले से ही NTPC सीपत द्वारा कृषि भूमि को ले लिया गया है जिससे कृषि के लिये ज़मीन कम है। इसको हम अन्य प्रयोजन में देने के लिये पूर्ण रूप से असहमत हैं। हमारे गाँव में मवेशी चराने के लिये भी पर्याप्त भूमि नहीं है।
- कोयले की वाशरी से हमारे जल स्रोत्र प्रदूषित हो जायेंगे जिससे गाँव में पीने के पानी की भी समस्या हो सकती है।
- वाशरी के राखड़ से गाँव में वायु प्रदूषण भी बढ़ जायेगा, जो पहले से ही NTPC के सीपत प्लांट के कारण एक गंभीर समस्या बन चुका है। इससे फसल, सब्जी, घर, मनुष्य, मवेशी पर भी दुष्प्रभाव पड़ेगा।
- कोयले की वाशरी से कृषि भूमि की उत्पादकता पर भी असर पड़ेगा, जिससे हमारी वार्षिक आय भी कम होगी।
- प्रति वर्ष हमारे गाँव से लगभग 450 युवा यवतियाँ पलायन करते हैं। इस कंपनी के लगने से और भी लोग पलायन करने के लिये मजबूर हो जायेंगे।
- भारी ट्रकों की आवाजाही के कारण रालिया और भिलाई के ग्रामीणों को बहुत परेशानी होगी। साथ ही हास्पिटल, स्कूल आने जाने का भी रास्ता प्रभावित होगा।
- प्रस्तावित क्षेत्र के नज़दीक 3 स्कूल है जिनके बच्चों के स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण औक लगातार भारी ट्रकों की आवाजाही से दुष्प्रभाव पड़ेगा।
- जयरामनगर में इस क्षेत्र का एकमात्र सरकारी अस्पताल हैं, जो बहुत प्रभावित होगा।

