✍️ मूलचन्द मेंधोनिया, पत्रकार भोपाल
भोपाल, 21 अगस्त/मूकनायक । दलित पिछड़ा समाज संगठन के प्रदेश महासचिव कमल सिंह कुशवाहा ने स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा ऐलान किया कि बहुजन समाज के शहीद वीर मनीराम अहिरवार को सम्मान दिलाने के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा।यह आयोजन समता समाज अधिकार मंच, भोपाल के तत्वावधान में संविधान चौक, दीक्षा नगर बागमुंगालिया में हुआ। कार्यक्रम में झंडा वंदन, राष्ट्रीय गीत, बच्चों की प्रस्तुतियां और बाइक रैली का स्वागत किया गया।आंदोलन के साथ मनाया स्वतंत्रता दिवस। प्रदेश युवा अध्यक्ष पीयूष यादव और संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने ध्वजारोहण किया।देश की आजादी में बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों को नमन किया गया।भोपाल के गरीब मजदूरों पर हो रहे अन्याय, शासकीय योजनाओं से वंचित रह रहे असली हकदारों पर चर्चा हुई।निजी कंपनियों और सेक्टरों द्वारा की जा रही लूट पर चिंता जताई गई।
संगठन ने सरकार के समक्ष 13 सूत्रीय मांगें भी रखीं।
वीर मनीराम अहिरवार का शौर्य गाथाप्रदेश महासचिव कमल सिंह कुशवाहा ने अपने उद्बोधन में कहा कि नरसिंहपुर जिले के चीचली नगर में जन्मे अमर शहीद वीर मनीराम अहिरवार ने अंग्रेजों के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ी।23 अगस्त 1942 को गोंड राजमहल की रक्षा करते हुए अंग्रेजों को नगर में प्रवेश नहीं करने दिया। साथी मंशाराम जसाटी ने इस युद्ध में शहादत दी।वीरांगना गौरा देवी कतिया भी अंग्रेजों की गोली का शिकार हुईं।मनीराम अहिरवार ने पत्थरों और गुलेल से अंग्रेजों को घायल कर पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।भूल गए अपने शहीद, नहीं मिला सम्मानकुशवाहा ने कहा कि जातिवाद और भेदभाव के कारण वीर मनीराम अहिरवार को आज तक शहीद का दर्जा नहीं मिला। स्वतंत्रता सेनानी की सूची में भी उनका नाम शामिल नहीं किया गया।शहीद परिवार वर्षों से संघर्ष कर रहा है।आर्थिक तंगी और राजनीतिक उपेक्षा के कारण उनकी आवाज सरकार तक नहीं पहुँच पा रही।नेताओं की बेरुखी पर कुशवाहा ने सवाल उठाए।
संगठन का संकल्प : बनेगा स्मारक और मूर्ति
वीर मनीराम अहिरवार की जन्मभूमि पर विशाल स्मारक और प्रतिमा स्थापित करने की मांग रखी जाएगी।वहां सामाजिक प्रेरणा केन्द्र भी बनेगा जो बहुजन समाज के हित में कार्य करेगा।शहीद के परिजनों को वही सुविधाएं दी जाएं जो अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों को मिल रही हैं।शहीद परिवार को भरोसादलित पिछड़ा समाज संगठन ने शहीद सुपौत्र मूलचन्द मेंधोनिया को आश्वस्त किया कि उनकी परिस्थितियों को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।संगठन पूरी ताकत से शहीद की आवाज उठाएगा।सरकार पर दबाव बनाकर उनका हक दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

