Thursday, February 26, 2026
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नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का आरोपी थाने से फरार

मूकनायक/जहूर अली
बिलासपुर छत्तीसगढ़

नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में गिरफ्तार आरोपी थाने से फरार हो गया। यह घटना न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोल देती है।

मिली जानकारी के अनुसार, सरकंडा क्षेत्र के मोपका गार्डन सिटी निवासी स्वरित सिंह (20) को गुरुवार को कोनी पुलिस ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन शुक्रवार सुबह लगभग चार बजे उसने हथकड़ी को खिसकाकर निकाल लिया और थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग निकला।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपी हथकड़ी खिसकाकर कैसे बाहर निकल गया? थाने में मौजूद पुलिसकर्मी क्या कर रहे थे? इतनी बड़ी लापरवाही ने कोनी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

आरोपी के फरार होने के बाद थाने में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अधिकारियों को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर के सभी थानों को सतर्क कर दिया गया है। हालांकि, आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है। लेकिन सवाल यह है कि जब नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामले में पुलिस इतनी ढिलाई बरत रही है, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस कर पाएंगे?

यह घटना स्पष्ट करती है कि कोनी पुलिस की लापरवाही ने न केवल कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई हैं, बल्कि पीड़िता के परिवार को भी असुरक्षा और अनिश्चितता की स्थिति में धकेल दिया है आरोपी थाने से फरार हो गया। यह घटना न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोल देती है।

मिली जानकारी के अनुसार, सरकंडा क्षेत्र के मोपका गार्डन सिटी निवासी स्वरित सिंह (20) को गुरुवार को कोनी पुलिस ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन शुक्रवार सुबह लगभग चार बजे उसने हथकड़ी को खिसकाकर निकाल लिया और थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग निकला।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपी हथकड़ी खिसकाकर कैसे बाहर निकल गया? थाने में मौजूद पुलिसकर्मी क्या कर रहे थे? इतनी बड़ी लापरवाही ने कोनी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

आरोपी के फरार होने के बाद थाने में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अधिकारियों को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर के सभी थानों को सतर्क कर दिया गया है। हालांकि, आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है। लेकिन सवाल यह है कि जब नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामले में पुलिस इतनी ढिलाई बरत रही है, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस कर पाएंगे?

यह घटना स्पष्ट करती है कि कोनी पुलिस की लापरवाही ने न केवल कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई हैं, बल्कि पीड़िता के परिवार को भी असुरक्षा और अनिश्चितता की स्थिति में धकेल दिया है।

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