फोरलेन की अवैज्ञानिक कटिंग बनी कारण उजड़ा पूरा गाँव | मंडी ब्यूरो चीफ | ज़िला मंडी में आपदा की मार थमने का नाम नहीं ले रही है। अब रैंसनाल क्षेत्र के टनिपरी गांव पर संकट के बादल गहराते जा रहे हैं। रविवार देर रात गांव की पहाड़ी में अचानक बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं, जिससे गांववाले दहशत में आ गए। हालात इतने खराब हो गए कि प्रशासन को तत्काल राहत कार्य शुरू करना पड़ा और गांव के 9 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने हालात की गंभीरता को देखते हुए रातों-रात राहत व बचाव दल को सक्रिय किया। प्रभावित परिवारों को न केवल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, बल्कि उन्हें कंबल और तिरपाल जैसी आवश्यक राहत सामग्री भी मुहैया करवाई गई। टनिपरी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि देर रात अचानक ज़मीन दरकने की आवाज़ें सुनाई दीं। घरों के नीचे की पहाड़ी में खतरनाक दरारें पड़ चुकी थीं। डर के मारे लोग अपने घर छोड़कर बाहर निकल आए। सोमवार सुबह जैसे ही थोड़ी रोशनी हुई, गांववालों ने अपने कीमती सामान को बचाने की कोशिश शुरू की। टूटे-फूटे रास्तों और खड़ी ढलानों से लोग अपनी ज़िंदगी की पूंजी – बिस्तर, बर्तन, राशन, कपड़े – बच्चों के साथ सिर पर लादकर नीचे एनएच तक लाते नज़र आए। यह मंजर किसी की भी आंखें नम करने के लिए काफी था। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके घर सुरक्षित नहीं हैं। ज़मीन कभी भी खिसक सकती है, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। ऐसे में वे अपने सामान को अन्यत्र सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। रूपचंद पुत्र रत्न, चरण दास पुत्र रत्न, हरि सिंह पुत्र रत्न, मोहर सिंह पुत्र रूप लाल, पूर्ण चंद पुत्र रूप लाल,मिंटू राम पुत्र रूप लाल, दीवान चंद पुत्र चरण दास, तुला राम पुत्र चरण दास व लाल सिंह पुत्र हरि सिंह है। सभी परिवार टनिपरी शालानाला गांव के निवासी हैं। प्रशासन की ओर से इन परिवारों को अस्थायी शिविरों में रखा गया है और ज़रूरत की तमाम चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं। ज़िला मंडी के स्नोर घाटी का एक और गाँव भी इसी तरह जमीन धंसने के कारण आज खाली हुआ है |प्राप्त जानकारी के मुताबिक ज्वालापुर के भरसी गाँव के 30 परिवारों ने अपने अपने आशियाने खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया है | भारी बरसात ने समूचे हिमांचल में तबाही का मंजर बना डाला है उससे हर कोई प्रभावित हुआ है | ज्ञात हो की विस्थापित होने वाले परिवारों में अधिकांश अनुसूचित जाति से सबंधितपरिवार है | लोगों तक राहत पहूँचाने को ज़िला प्रशासन को कड़ी मशक्त करनी पढ़ रही है | जबकि दूसरी ओर भारी बारिश राहत कार्यों में बाधा बनी हुई है | प्रशासन ने सभी से नदी नालों से दूर रहने और अनावश्यक सफर ना करने की भी अपील की है

