ठाकुर दास भारती उप सम्पादक हिमाचल प्रदेश | जिला उद्योग केंद्र (DIC) मंडी तथा कार्यान्वयन एजेंसी निटकॉन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में RAMP परियोजना के अंतर्गत मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति, के सहयोग से मंडी में 8 से 10 अप्रैल तक 3 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) का सफल आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला मंडी के विभिन्न क्षेत्रों धर्मपुर, मंडी , बल्ह , करसोग , सिराज गोहर व् बाली चौकी ब्लाक से आए लगभग 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें एफपीओ (FPO) सदस्य, समूह आधारित उद्यमी एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़े सदस्य शामिल रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को व्यवसाय योजना, बाजार संपर्क, वित्तीय प्रबंधन, सरकारी योजनाओं एवं उद्यम विकास से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री दिव्य प्रकाश (निटकॉन) द्वारा प्रतिभागियों के पंजीकरण एवं परिचय सत्र के साथ किया गया। प्रथम दिवस पर जिला उद्योग केंद्र (DIC) मंडी की जिला संसाधन व्यक्ति सुश्री राजसी शर्मा ने प्रतिभागियों को उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, उद्यम पंजीकरण एवं सरकारी सहायता तंत्र के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा उन्हें सीधे DIC से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत सत्र आयोजित किए गए, जिनमें श्री शुभम जमवाल (निटकॉन), सुश्री प्रिया कौंडल (निटकॉन), श्री दिव्य प्रकाश (निटकॉन), श्री पुनित कुमार, श्री अंकुर सरस्वती एवं तकनीकी एवं विकास समिति से श्री जोगिंदर वालिया द्वारा महत्वपूर्ण विषयों व्यवसाय योजना, वित्तीय प्रबंधन की लेकर प्रशिक्षण प्रदान किया गया और कार्यक्रम का समन्वय एवं प्रतिभागियों का मोबिलाइजेशन भी किया गया। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम के प्रोजेक्ट हेड श्री गौरव शर्मा भी उपस्थित रहे और उन्होंने प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव एवं मार्गदर्शन साझा किया।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एफपीओ संचालन, गवर्नेंस, वित्तीय योजना, लागत निर्धारण, विपणन रणनीतियाँ, मूल्य श्रृंखला विकास, डिजिटल टूल्स, व्यवसाय मॉडल तथा डीपीआर (DPR) तैयार करने जैसे विषयों पर विस्तृत सत्र प्रदान किए गए। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग पर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों, प्रस्तुतीकरण एवं संवादात्मक सत्रों के माध्यम से सक्रिय भागीदारी दिखाई तथा अपने व्यावसायिक विचारों को विकसित करने का प्रयास किया। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत व्यावसायिक योजनाओं का विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन किया गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। सभी प्रतिभागी उत्साह के साथ लौटे और उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, साथ ही भविष्य में उद्यमिता विकास कार्यक्रमों (EDP) में आगे भी भाग लेने की इच्छा व्यक्त की। यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम रहेगा ।

