राजस्थान/जालौर/जिला ब्यूरो चीफ रिडमल राम परमार
सांचोर (01 अगस्त 2025) शुक्रवार
सरनाऊ – आज के दौर में जब नैतिक मूल्यों का पतन देखा जा रहा है, ऐसे समय में गुन्दाऊ गांव निवासी नरसी राम परमार (मेघवाल) ने ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व की बेहतरीन मिसाल पेश की है।
घटना आज दोपहर की है, जब नरसी राम परमार रास्ते से गुजर रहे थे, तभी उन्हें सड़क किनारे एक लावारिस बैग पड़ा मिला। जब उन्होंने बैग खोला तो उसमें 5 एंड्रॉइड मोबाइल फोन थे, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपये आंकी गई है।
नरसी राम परमार ने बिना किसी स्वार्थ के बैग के असली मालिक की तलाश शुरू की। पूछताछ और जानकारी के बाद यह स्पष्ट हुआ कि वह बैग गुन्दाऊ के मोबाइल दुकानदार महेन्द्र कुमार राठौड़ का है। नरसी राम ने तुरंत उस बैग को दुकानदार को दलपत सिंह सोलंकी गुन्दाऊ की उपस्थिति में सुपुर्द कर दिया।
बैग और कीमती मोबाइल वापस पाकर महेन्द्र कुमार राठौड़ ने अत्यंत प्रसन्नता और आभार व्यक्त करते हुए कहा:
“इन मोबाइलों की डिलीवरी आज ही करनी थी। बैग खो जाने से बहुत बड़ा नुकसान हो सकता था। नरसी राम जी और दलपत सिंह जी का धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने समय रहते बैग लौटा दिया।”
गांव के लोगों ने भी नरसी राम परमार की इस ईमानदारी की सराहना की। सोशल मीडिया पर यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। कई लोग उन्हें समाज का आदर्श नागरिक मान रहे हैं।
ग्राम पंचायत गुन्दाऊ के प्रतिनिधियों ने भी नरसी राम परमार और दलपत सिंह सोलंकी की प्रशंसा करते हुए कहा कि,
“इन जैसे लोग समाज में ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिकता की नींव को मजबूत करते हैं।”
ईमानदारी आज भी ज़िंदा है
नरसी राम परमार और दलपत सिंह सोलंकी के इस कार्य से स्पष्ट है कि सच्चाई और नेकनीयती आज भी हमारे समाज की ताकत है। ऐसे कर्मशील व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणा है।

