Thursday, February 26, 2026
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बिलासपुर म छत्तीसगढ़िया समाज ह मनाइस हरेली तिहार… होइस जबड़ गेड़ी दउड़ अउ नरियर फेंक प्रतियोगिता …

मूकनायक/ गौतम बालबोंदरे
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के पहिली और माई तिहार “हरेली” को माना जाता है. हरेली से ही त्यौहारों का मौसम शुरू होता है और नाग पंचमी, भोजली, राखी, कमरछठ, आठे कन्हइया, पोरा तीजा जैसे त्यौहार क्रम से मनाया जाता है. लेकिन ये त्यौहार अपने पारंपरिक रूप, रिवाज और उद्देश्य खोते जा रहे हैं।
हरेली में धान की बोवाई, बियासी और रोपनी का काम पूरा हो जाता था ,इसलिए किसान नांगर, कोपर सहित अन्य कृषि औजार धो-पोंछ कर पूजा करते हैं। गुरहा चिला (नागर चिला) बनाकर औजारों को भोग लगाते हैं हरेली आषाढ़ के अमावस तिथि में होता है। ऐसी लोक धारणा है कि हरेली अमावस की रात में टोनही लोगों के “बिदिया” का परीक्षा होता है. इसलिए बुरी बला को दूर रखने के लिए गाँव में विभिन्न प्रकार नेंग किये जाते हैं। लोहार हर घर के चौखट में लोहे की कील ठोंकता है।बइगा गाँव के हर घर के दरवाजे पर भेलवा पान या दौना पान खोंचता है. मुहटा में लाल कपडे में नारियल बांधकर और सेम्हर का ठेंगा लटकाया जाता है। ऐसी परम्पराए सियानो द्वारा अर्जित पीढ़ियों के ज्ञान और अनुभव से विकसित हुए हैं. ये अलग अलग क्षेत्रों में अलग अलग स्वरुप में हो सकते हैं लेकिन ग्राम्य जीवन की ये दृढ और रूढिगत व्यवस्था है।गाँव में वर्षा ऋतु के कीचड से बचने के लिए किशोरों के लिए गेड़ी चढने की रिवाज विकसित हुआ. युवाओं के लिए मुक्का मारकर नारियल फोड़ने की पराक्रम का प्रदर्शन भी होता था जो अब “नारियल फेंक” में रूपांतरित हो गया है।
लेकिन छत्तीसगढ़ की ये लोक संस्कृति और परम्पराए लुप्त होने की कगार पर है। इन्हें सहेजने, सवारने और आनेवाली पीढ़ी को हस्तांतरित करने का बीड़ा उठाया है “छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना”, और मोर चिन्हारी- छत्तीसगढ़ी”, संगठन के युवा शक्तियों और मातृशक्तियों ने.
इसी उद्देश्य कप लेकर रविवार 27 जुलाई को जिला स्तरीय गेड़ी दौड़ और नारियल फेंक प्रतियोगिता का आयोजन लाल बहादुर शास्त्री विद्यालय शनिचरी बाजार मैदान में किया गया। जिसमे विभिन्न आयु वर्ग के लिए अलग अलग गेड़ी दौड़ प्रतियोगिता रखा गया था।महिलाओं के लिए नारियल फेंक का भी खेल रखा था. प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरष्कार सहित समस्त प्रतिभागियों को भी पदक एवं पुरष्कार एवं सम्मान राशि प्रदान किया गया।
12 फीट की ऊँची गेड़ी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा जिसम पर कोनी के नितीश सोनवानी ने चढ़ कर अपना ही 10 फीट का कीर्तिमान तोडा।
कार्यक्रम शैलू ठाकुर, कृष्णा कौशिक, लता राठौर के कुशल संयोजन में सम्पन्न हुआ जिसमे छत्तीसगढ़िया समाज के सम्मानित सियानो को भी आमंत्रित किया गया था
छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष रमेश चन्द्र श्याम विशेष अभ्यागत के रूप में कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।उक्त जानकारी रमेशचंद्र श्याम के द्वारा दी गई।

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