Thursday, February 26, 2026
Homeदेशरिश्तों से अपेक्षा रखना, धोखा व स्वार्थ नहीं है, मगर अपेक्षा के...

रिश्तों से अपेक्षा रखना, धोखा व स्वार्थ नहीं है, मगर अपेक्षा के लिए रिश्ते रखना है धोखा और स्वार्थ

मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
✍🏻✍🏻
किसी भी रिश्ते में प्यार से ज्यादा एक दूसरे की इज्जत करना जरूरी होता है । अगर किसी रिश्ते में आपकी इज्जत नहीं है या आपको सम्मान नहीं मिल रहा है तो आपको उसमें नहीं रहना चाहिए । कई मामलों में ये देखा गया है कि लंबे समय तक एक दूसरे के साथ रहने के बाद कपल एक दूसरे को कम आंकने लगते हैं और खुद को ज्यादा समझदार बताने लगते हैं । रिश्तों से अपेक्षा रखना, धोखा व स्वार्थ नहीं है! मगर अपेक्षा के लिए रिश्ते रखना धोखा और स्वार्थ है। कहते हैं -: जीतने वाला ही नहीं बल्कि कहां पर क्या हारना है, यह जानने वाला भी सिकंदर होता है ।
धोखेबाज इंसान अपने शब्दों, भावनाओं और कार्यों में ईमानदार नहीं होता। ऐसा व्यक्ति सामने से कुछ और दिखाता है, लेकिन अंदर से उसकी सोच और इरादे कुछ और ही होते हैं। यह विश्वासघाती होता है, झूठ का जाल बुनता है और स्वार्थ के लिए किसी के भी भरोसे को तोड़ सकता है। वहीं झूठा इंसान अंत में अपने सिवाय किसी और को धोखा नहीं दे सकता। जैसे सांप के फन में, मधुमक्खी के डंक में, और बिच्छू की पूंछ में, ज़हर होता है… परन्तु धोखेबाज व्यक्ति के रोम-रोम में विष भरा होता है….
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments