मूकनायक मंडी ब्यूरो चीफ | ज़िला मुख्यालय मंडी में 23 जुलाई 2025 को हिमाचल किसान सभा सुंदरनगर इकाई ने सचिव रामदास की अध्यक्षता में उपमंडल अधिकारी (नागरिक), सुंदरनगर को ज्ञापन सौंपा। किसान सभा ने प्रदेश में किसानों की जमीन से बेदखली रोकने,5 बीघा तक की जमीन को निशुल्क नियमित करने,तथा मकानों और भूमि का मालिकाना हक देने की मांग उठाई। सभा ने उच्च न्यायालय द्वारा फैक्टर-1 की अधिसूचना को निरस्त कर फैक्टर-2 लागू करने के निर्णय का स्वागत करते हुए, भूमि अधिग्रहण के चार गुना मुआवज़े की अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग की।सचिव रामजीदास ने कहा कि अपनी मांगों को कई बार प्रशासन के समक्ष रखा गया,लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है जिसमे प्रमुख मांगों में सुंदरनगर बाईपास (पुंघ से धनेस्वरी तक) को सर्विस लेन से जोड़ना, बंद की गई कृषि सब्सिडियों की बहाली, रसोई गैस और बस किराये में वृद्धि को वापस लेना,अस्पतालों में डॉक्टरों व स्टाफ की तैनाती, जड़ोल से डडौर चौक तक फुट ओवर ब्रिज का निर्माण (विशेषकर कनेड ब जड़ोल स्कूल के पास), 2023 की आपदा ब हाल ही में हुई क्षति की भरपाई जैसे उपजाऊ भूमि, शमशान घाट, नालियों की सफाई, पानी के स्रोतों की मरम्मतको तुरंत ठीक किया जाये I सभा के अध्यक्ष जगमेल ठाकुर ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा और प्रदेश की कांग्रेस सरकारें जनविरोधी नव-उदारवादी नीतियाँ लागू कर रही हैं, जिससे बेरोजगारी और महंगाई में इजाफा हुआ है। आम जनता की सुविधाएं छीनी जा रही हैं और ट्रेनी/आउटसोर्स पर भर्ती की जा रही हे शिक्षा संस्थान, बिजली, सड़क हॉस्पिटल जैसी सेवाओं का निजीकरण किया जा रहा है, प्रदेश में जो आर्थिक संकट बढ़ा है उसके लिए वर्तमान कांग्रेस सरकार के साथ ही पिछली भाजपा व कांग्रेस सरकारें जिम्मेवार हैं,

