
मूकनायक/अजय अनंत
बिलासपुर छत्तीसगढ़
दिनांक- 10- 07- 2025 को ग्राम सरसेनी पुलिस चौकी मल्हार थाना मस्तूरी जिला बिलासपुर के पीड़ित परिवार उक्त शीर्षान्तर्गत विषय पर लोक सिरजनहार यूनियन[LSU] आफिस लखन सुबोध से भेंट चर्चा किया और LSU को न्याय के लिए संग- साथ देने एक पत्र एवं। पुलिस अधीक्षक को प्रस्तुत किए जाने बाबत आवेदन देना अवगत कराया।
आवेदन में उल्लेखित घटनाक्रम निम्नानुसार है –
1) कि, आवेदक ग्राम सरसेनी पुलिस चौकी मल्हार जिला बिलासपुर (छ.ग.) का निवासी हूं।
2) कि, मेरे पुत्र सूरज केवट उम्र 17 वर्ष जो की कक्षा दसवीं का छात्र था। उन्हें गांव के अंकित निषाद पिता मनोज निषाद, श्यामसुंदर निषाद पिता तिवारी निषाद एवं अन्य चार-पांच लोग जिनका नाम मुझे मालूम नहीं, वे लोग दिनांक 30-06-2025 को शाम-रात को बुरी तरह से मारपीट किए।
3) कि, मारपीट के बाद उन्हें गांव के ही स्कूल के पीछे एक झाड़ी में फांसी लगाने का भ्रम पैदा करने के लिए लटका दिया।
जबकि उस दृश्य को एकबारगी देखने से यह स्पष्ट हो रहा है कि, छोटी सी परसा पेड़ की झाड़ी में लटका हुआ और उसका शरीर घुटनों के बल पड़ा हुआ है।
4) कि, पुलिस चौकी मल्हार में अपराधियों के नाम जदगी जानकारी पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस द्वारा अभी तक मेरे और मेरे परिवार के साथ कोई संपर्क नहीं किया, न ही बयान दर्ज हुआ और साथ ही मुझे PM रिपोर्ट भी प्राप्त नहीं हुआ है।
5) कि, आरोपियों द्वारा अभी तक गवाहों को प्रभावित करने के लिए झगड़ा-मारपीट के प्रत्यक्षदर्शियों को यह धमकी दिया जा रहा है कि, यदि कोई मेरे खिलाफ पुलिस को बयान देगा, तो उसे भी जान से मार दूंगा।
6) कि, ऐसी स्थिति में मैं और मेरा पूरा परिवार डर-भय से कुछ भी करने की स्थिति में नहीं हैं। सिर्फ पुलिस ही सही जांच पड़ताल कर अपराधियों को गिरफ्तार कर सकता है। और हमें सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
7) कि, गांव के इस तरह की घटना होने के बाद ऐसी संदिग्ध हत्या की शव को जलाया (दाह संस्कार) नहीं जाता और हमारे परिवार की (गोत्र गुढ़ाजाल केवट समुदाय) में तो मृतक को स्वाभाविक मौत में भी जलाया नहीं जाता उसे दफनाया जाता है। लेकिन ऐसा लगता है कि, षड्यंत्र से मनोवैज्ञानिक दबाव में हमारी इच्छा के विपरीत शव को जलवा दिया गया। जो कि, पुख्ता प्रमाण के लिए आवश्यकतानुसार उसका दोबारा PM भी हो सकता था।
8) कि, हमें अब भी पूर्ण विश्वास है और यथा घटनाक्रम के आधार पर मृतक के शरीर में पाए गए स्पष्ट चोट के निशान, खून रंजीत कपड़ा आदि प्रमाण से यह शत प्रतिशत हत्या का मामला है।
अतएव महोदय से प्रार्थना है कि, इस मामले में सक्षम जांच कर हत्या का मामला दर्ज कर दोषियों को पकड़ा जाय। जो न्यायहित में होगा।
LSU इस मामले में उचित कार्यवाही के लिए हर प्रकार से न्यायहित में साथ देगा और ठोस कार्यवाही नहीं होगी तो जनआंदोलन संगठित करेगा।

