किशनगढ़ में कालबेलिया समाज को हटाने की योजना का विरोध, स्थायी पट्टा और सुविधाओं की मांग
राजस्थान के किशनगढ़ नगर परिषद के वार्ड संख्या 12 (गांधीनगर) में लगभग 50 वर्षों से निवासरत कालबेलिया समाज के लगभग 30 परिवारों को हटाने की प्रशासनिक योजना के विरोध में समुदाय के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
इस ज्ञापन में समाज ने स्थायी भूमि आवंटन (पट्टा), बिजली-पानी-शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं और सरकारी आवास योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है।
ज्ञापन के अनुसार, “यदि हमें इस स्थान से हटाया गया, तो हमारे बच्चों की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।”
समाज की प्रमुख मांगें:
- स्थल से हटाने की योजना पर रोक
- स्थायी भूमि (पट्टा) का आवंटन
- मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था
- सरकारी आवास योजना में समावेश
हालांकि बस्ती में आज भी बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं की कमी है, लेकिन समाज के लोगों ने मेहनत और ईमानदारी से जीवन को आगे बढ़ाया है। वे अब स्थायी जीवन की ओर बढ़ना चाहते हैं, इसलिए इस समय बेघर होना उनके लिए अन्यायपूर्ण होगा।
इस मौके पर घुमंतू प्रदेश महासचिव नारायण नाथ कालबेलिया, करिम खान, शैलेश, गोविंद, दीपक जी, संजय जोगी आदि प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
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कालबेलिया समाज ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देने की मांग भी की है, ताकि उन्हें एक स्थायी और सुरक्षित जीवन मिल सके।
रिपोर्ट: श्रवण कुमार, ब्यूरो चीफ, मूकनायक, बालोतरा

