मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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नफरत करने वाला व्यक्ति वह होता है जो आपकी उपलब्धियों को बदनाम करता है, उनका मूल्य कम करता है या उन्हें कम आंकता है। आप क्या करते हैं, इससे उसे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता। अगर आप कुछ नहीं करते, तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता। कोई न कोई आपके बारे में कुछ न कुछ नकारात्मक ज़रूर कहेगा। व्यक्ति का व्यवहार ही यह सुनिश्चित करता है कि उसके साथ दूसरे व्यक्ति किस तरह का व्यवहार करें । यदि कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से प्रेम पूर्वक व्यवहार करता है तो निश्चित तौर पर उस व्यवहार के बदले सामने वाला इंसान भी उसके साथ प्रेम पूर्वक ही पेश आएगा ।
इंसान के लिए बेईमान होना आसान तो है, परंतु इसका कम समय के लिए ही लाभ होता है । साथ ही इससे जीवन कष्टदायक भी बन जाता है । बेईमानी का रास्ता अपनाना सरल लगता है, परन्तु आगे चलकर व्यक्ति को बदनामी और नफ़रत के सिवाय कुछ नहीं मिलता क्योंकि बेईमानी से व्यक्ति की मान, प्रतिष्ठा और मन की शांति समाप्त हो जाती है । परिणाम स्वरूप यदि हम नफरत करते हैं तो सामने वाला व्यक्ति भी हमसे नफरत करेगा और यदि हम किसी से प्यार करते हैं तो वह भी हमारे व्यवहार को देखकर हमें प्रेम ही देगा। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह सभी से प्रेम पूर्वक व्यवहार करें ।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

