मूकनायक राजस्थान बौद्धाचार्य पूरणमल बौद्ध
दि बुद्धिष्ट सोसायटी आफ़ इंडिया मुम्बई राष्ट्रीय संरक्षक करूणा की सागर ममतामई महाउपोसिका मीराताई के निर्देशन में एवं राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष भीमराव यशवंतराव अम्बेडकर जी द्वारा कार्य को गति देते हुए इस वर्ष धम्म का सबसे बड़ा पर्व धम्मचक्क पवत्तन दिवस दि बुद्धिष्ट सोसायटी आफ़ इंडिया भारतीय बौद्ध महासभा राजस्थान दक्षिण के प्रदेश अध्यक्ष बौद्धाचार्य पूरणमल बौद्ध देखरेख में वर्षा वास कार्यक्रम अन्तर्गत धम्मचक्क पवत्तन दिवस के रूप में आषाढ़ पूर्णिमा जिला सवाईमाधोपुर में बुद्ध विहार सेवा समिति सवाईमाधोपुर में आषाढ़ पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा एवं वर्षावास का महत्व को समझाया गया। मुख्य अतिथि प्रदेश महामंत्री रामचरण बौद्ध द्वारा बताया गया कि आज ही के दिन तथागत बुद्ध ने धम्म का मार्ग बताया था एवं प्रथम पांच परिव्राजकों को जीवन को दुखों से कैसे मुक्त करें। तथागत बुद्ध ने इस पूर्णिमा को ही गृह त्याग किया था।इस पूर्णिमा से ही तीन माह भिक्षु संघ एक स्थान पर स्थिर रह कर मानव कल्याण की शिक्षा देते हैं। जिला अध्यक्ष दामोदर बौद्ध, कैलाश बौद्ध,राम सिंह बौद्ध , इन्द्र लाल, सीताराम,चेतन, राजेन्द्र प्रसाद,देव किशन, राधेश्याम, कविता,राजकुमारी ललिता,प्रकृति, कीर्ति, सुर ज्ञान सिंह।भारी बरसात में लोगों ने खड़े होकर ही त्रिशरण पंचशील किया एवं खड़े रहकर ही। वर्षा वास कार्यक्रम पूरा किया। लोगों में धम्म चक्र पवत्तन दिवस बड़े उत्साह पूर्वक मनाया।उसका महत्व जाना।

