मूकनायक /दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो चीफ
बस्ती/ उत्तर प्रदेश
बस्ती। बस्ती जिले में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान डेढ़ साल के मासूम की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टर एस.के. गौड़ पर गंभीर लापरवाही और झूठी जानकारी देने का आरोप लगाया है। यह मामला शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के रोडवेज मॉल के पीछे स्थित डॉक्टर एस.के. गौड़ के अस्पताल से जुड़ा है।परिजनों का कहना है कि तीन दिन पहले बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने निमोनिया की बात कहकर इलाज शुरू किया। लेकिन आज अचानक बच्चे की हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। बाद में डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को हार्ट प्रॉब्लम थी।
मृतक बच्चे के पिता का आरोप है कि “अगर डॉक्टर ने पहले दिन ही सही बीमारी बताई होती या बच्चे को रेफर कर दिया होता तो हम कहीं और बेहतर इलाज करवा सकते थे। हमें 55 मिनट में जांच कराकर रिपोर्ट लाने को कहा गया, लेकिन तब तक हमारा बच्चा दुनिया छोड़ चुका था।” परिजनों ने डॉक्टर पर जानबूझकर गलत जानकारी देने और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में तहरीर दी है और जिलाधिकारी से अस्पताल पर कार्रवाई की मांग की है। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाल दिनेश चंद्र चौधरी और चौकी इंचार्ज इंद्रजीत मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने परिजनों से लिखित तहरीर लेकर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद अस्पताल के बाहर गम और गुस्से का माहौल रहा। मृतक की मां का रो-रो कर बुरा हाल था, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
वहीं, डॉक्टर एस.के. गौड़ ने सफाई देते हुए कहा कि “परिजनों को इलाज से संबंधित पूरी जानकारी दी गई थी और सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी लिए गए थे। इलाज पूरी ईमानदारी से किया गया।” डॉ. एस.के. गौड़ पहले भी अपने इलाज को लेकर चर्चाओं में रहे हैं, लेकिन इस बार मामला एक मासूम की मौत से जुड़ा है, जिससे प्रशासन पर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का दबाव बनता नजर आ रहा है।

