Thursday, February 26, 2026
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तथागत गौतम बुद्ध एवम् बाबा साहब आंबेडकर की मूर्ति स्थापना को गैर कानूनी बताकर सामाजिक बंधुओं को असामाजिक तत्व का आरोप लगाने वाले पर कार्यवाही करने थाना प्रभारी को सौपा ज्ञापन

मूकनायक /संतोष सहारे

डोंगरगढ़/छत्तीसगढ़

नवीन जागृति युवक समिति के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ मिलन टेंभुरकर व जय किशोर अंबादे पार्षद अंबेडकर वार्ड नंबर 9 भीमनगर के हस्ताक्षर युक्त तथा अनुवाइयों द्वारा थाना प्रभारी ,थाना डोंगरगढ़ को
तथागत गौतम बुद्ध एवम् बाबा साहब आंबेडकर की मूर्ति स्थापना को गैर कानूनी बताकर सामाजिक बंधुओं को असामाजिक तत्व का आरोप लगाकर मान हनन कर असामाजिक कहकर अनुसूचित जाति के लोगों के अपमानित करने के विरुद्ध FIR करने एवम् अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध करने का ज्ञापन दिया गया । एवं उक्त अपराध के दोषियों के विरुद्ध १० दिनों के भीतर कायमी न होने पर समाज उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी पुलीस प्रशासन की होगी।

आपको बताते चलें कि थाना प्रभारी डोंगरगढ़ के सोपे गये ज्ञापन में लेख है की:- तथागत गौतम बुद्ध एवम् बाबा साहब आंबेडकर की मूर्ति स्थापना को गैर कानूनी बताकर सामाजिक बंधुओं को असामाजिक तत्व का आरोप लगाकर मान हनन कर असामाजिक कहकर अनुसूचित जाति के लोगों के अपमानित करने के विरुद्ध FIR करने एवम् अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज करने लिखित में आवेदन दिया है।

गौरतलब है दिए गए आवेदन में

उल्लेख है कि हम भीम नगर वार्ड नंबर ९ के वासी है, एवम् बुद्ध धम्म एवम् बाबा साहब आंबेडकर के अनुयायि है, विगत दिनों समाज की बैठक में सर्व सम्मति से तथागत गौतम बुद्ध एवम् बाबा साहब आंबेडकर की मूर्ति की स्थापना पानी पंप हाउस की सीमा से लगी हुई दिवाल के करीब का निर्णय लिया गया था, और पहले ही इस बात की तस्दीक कर ली गई थी कि सार्वजनिक आवाजाही की रोड एवम् किसी के निजी आवागमन एवं निकासी को प्रतिबाधित नहीं किया जाएगा, विगत ३१ मई को निर्माण कार्य में लगने वाले मिस्त्री एवं मजदूर की उपलब्धता के आधार पर शाम के समय चबूतरा बनाया गया जो कि अर्ध रात्रि तक सम्पन्न हुआ, इसकी पूर्व सूचना स्थानीय पार्षद जय किशोर अम्बादे के द्वारा नगर पालिका परिषद डोंगरगढ़ को पूर्व में ही दी जा चुकी थी, उसके बाद जून को हजारों धर्मावलंबियों एवं विधायक हर्षिता स्वामी बघेल एवं परिषद के विभिन्न वार्डों के पार्षदों के साथ मूर्ति का अनावरण किया गया था, उसके बाद कतिपय कुछ लोगों ने उसे साहू समाज एवं बौद्ध समाज के बीच विवाद का मुद्दा बनाने की कोशिश की जिसे आपके नेतृत्व में SDM के सम्मुख विवाद का निपटारा किया गया लेकिन श्यामलाल साहू एवं कुछ अलग मानसिकता रखने वाले लोगों ने समाज के कुछ आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को असामाजिक तत्व कह कर आरोप लगाया साथ ही अनुसूचित जाति के लोगों का मान सम्मान के खिलवाड़ करते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का प्रयास किया गया है, ज्ञात हो कि SDM साहब डोंगरगढ़ द्वारा नियुक्त हल्का पटवारी बधियाटोला की स्थल पंचनामा में लिखा गया है कि जिस आवेदक ने उक्त संबंध में शिकायत की है उसके घर के बाउंड्री वॉल से मूर्ति की दूरी १३ फीट है एवं प्रवेश ‌द्वार से ८ फीट है (स्थल पंचनामा की रिपोर्ट सलंग्न है), जिसकी समाज सर्व सम्मति से कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने एवं अनुसुचित जाती जनजाति अत्याचार अधिनयम के तहत अपराध पंजीबद्ध करने का निवेदन करती है, उक्त अपराध दोषियों के विरुद्ध १० दिनों के भीतर कायम न होने पर समाज उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी पुलीस प्रशासन की होगी।

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