मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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उम्मीद भी दुःख का एक कारण होता है । जब आपको किसी से उम्मीद होती है तो आप उसके पूर्ण होने की कल्पना करते हैं । आप मन ही मन में अपने विचारों का एक पुल तैयार कर लेते हैं ,लेकिन जब कोई आपके उम्मीद पर खरा नहीं उतरता है तो वह पुल टूट जाता है जिससे आपकी सारी तैयारियों पर पानी फिर जाता है, तब आपको दुःख होता है । अगर आपको अपने दुःख कम करने हैं तो दूसरों से उम्मीदें कम रखें और अगर उम्मीद रखनी ही है तो अपने आप से रखें क्योंकि जब आप अपने आपकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरेंगे, तब वह दुःख आपके लिए प्रेरणा बन जाएगा जो कि आपके काम में और भी निखार लाएगा ।
मतलबी इंसान हमेशा अपने मतलब की सोचता है। जब भी उसका कोई मतलब निकलना होता है, तब वो आपसे मीठी मीठी बातें करते हैं और आपसे दोस्ती करने के लिए आतुर हो जाते हैं और जब उनका मतलब आपसे निकल जाता है, तब वही इंसान आपको पहचानने से भी इंकार कर देता है। ऐसे इंसान से जितनी हो सके दूरी बनाए रखें। इसलिए दुनिया में सबसे खुश वही लोग हैं, जो समझ चुके हैं कि दूसरों से किसी भी तरह की उम्मीद करना व्यर्थ है।
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

