मूकनायक /राजस्थान /अजमेर
हेमन्त कुमार जाटवा सराना
श्रद्धावन उपासक और सक्रिय बहुजन मिशनरी कार्यकर्ता श्री रमेश चंद्र बैरवा निवासी गज्जा नाडी तहसील भिनाय जिला अजमेर द्वारा अपनी दो पुत्री एवं सुपुत्र के मंगल परिणय और आशीर्वाद समारोह का आयोजन 30 मई, 2025 को अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमा में उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम में आयुष्मति निरमा संग आयुष्मान हनुमान एवं आयु. सरोज संग आयुष्मान हंसराज का पाणिग्रहण संस्कार एवं आशीर्वाद समारोह विशाल प्रांगण में बौद्ध पद्धति से संपन्न हुआ। इसे देखने के लिए भारी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के नर नारियों आतुर देखें। विवाह संस्कार बुद्ध ज्योति विहार अजमेर की धम्म सेवकों की टीम की देखरेख में संपन्न कराया गया। विशाल मंच पर सम्मान पूर्वक भगवान तथागत बुद्ध एवं बोधिसत्त बाबा साहेब की प्रतिमाएं सुसज्जित थी। सारा पंडाल धम्म ध्वजाओ व पताकाओं और महापुरुषों के चित्र से सुंदर सजाया गया। वर वधुओं ने श्वेत वस्त्र धारण करके मंडप में प्रवेश किया। दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजनों द्वारा सर्वप्रथम पुष्प, दीप सुगंधी, आहार, और ग्लान आदि से तथागत बुद्ध की पूजा वंदना की और दोनों महापुरुषों का वंदन कर अपना स्थान ग्रहण किया। इसके पश्चात सभी को पावन तीन रत्नों की शरण ग्रहण कराई गई तथा पंचशील प्रदान किए गए। धम्मचारी ने बुद्ध धर्म और संघ के अनंत गुना की वंदना की एवं सूत्र पाठ करके धर्म विधि की शुरुआत की। पानी ग्रहण संस्कार का आरंभ दोनों पक्षों के माता-पिता द्वारा त्रि रतन एवं समाज को साक्षी मानकर कन्याओं एवं वर का समर्पण किया एवं विवाह की सहमति प्रदान की। बौद्ध पद्धति में यह प्रक्रिया कन्यादान से भिन्न होती है ।
तदपश्चात वर वधू ने भी अपनी-अपनी सहमति प्रदान करके स्वीकृति दी। एक दूसरे के हाथों में हाथ सौंप कर पाणिग्रहण करके जल विधि से मंगल पाली गाथाओं और आशीर्वाद गाथाओं के साथ संस्कार संपन्न कराया गया। वर वधु द्वारा अपने-अपने करते हुए उनका भली भांति निर्वहन करने के लिए पांच पांच प्रतिज्ञाओं की शपथ ली। स्टेज पर वर वधू ने एक दूसरे को माला पुष्पहार पहना कर धर्म विधि को संपन्न किया। टीम बुद्ध ज्योति विहार द्वारा जय मंगल अष्ट गाथाओ का मधुर पाठ किया।
धम्मचारी ने इस अवसर पर वर वधु के लिए मंगल गाथाएं एवं आशीर्वाद गाथाएं पाली भाषा में बोली। सभी ने साधु कार करके वर वधु को बधाई दी। कार्यक्रम पूर्ण हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। सभी का मंगल हो

