मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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उत्सव मानव जीवन का एक अभिन्न अंग हैं। उत्सव हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं, हमें खुशियां प्रदान करते हैं, और हमें एक-दूसरे के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। इसलिए हमें उत्सवों का सम्मान करना चाहिए और उनमें सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए । जीवन की व्यस्तता में फंस जाना और वर्तमान क्षण को खोना आसान है। हम अक्सर अपने दिन जल्दी-जल्दी गुजारते हैं, भविष्य के बारे में सोचते हैं या अतीत के बारे में सोचते हैं। लेकिन जीवन वर्तमान में होता है, और खुद को वर्तमान में रखकर, आप इसे और अधिक पूरी तरह से अनुभव कर सकते हैं।
जीवन का जश्न मनाना तब ज़्यादा सार्थक होता है, जब इसे दूसरों के साथ साझा किया जाए। दोस्तों, परिवार या यहाँ तक कि सहकर्मियों के साथ सार्थक तरीके से जुड़ने के लिए समय निकालें। एक साधारण बातचीत, साथ में खाना या कोई अप्रत्याशित कॉल, यादें बना सकती हैं और आपके रिश्तों को गहरा कर सकती है । अंत में, उद्देश्य के साथ जीना जीवन का जश्न मनाने के सबसे बेहतरीन तरीकों में से एक है। जब आप अपने कार्यों को अपने मूल्यों और लक्ष्यों के साथ जोड़ते हैं, तो प्रत्येक दिन आपके उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में एक सार्थक कदम बन जाता है। चाहे आपका उद्देश्य दूसरों की मदद करना हो, कुछ सुंदर बनाना हो, या बस ईमानदारी से जीवन जीना हो, उद्देश्य के साथ जीना आपके जीवन को दिशा और अर्थ देता है। बाकि: धैर्य के बिना धन, वीरता के बिना विजय, ज्ञान के बिना मोक्ष और दान के बिना यश प्राप्त नहीं होता है॥
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

