टकोली टोल पर बार-बार बदल रही कम्पनीयां।
घाटे का रोना रोकर चार माह में दो कम्पनीयों ने किया सरेंडर।
मंडी। सुर्खियों में रहने बाला टकोली टोल प्लाजा आजकल फिर चर्चा में है। 2025 में फिर शुरू हुए इस टकोली टोल को चलाने आ रही कम्पनीयां अपना कार्यकाल पूरा किए बगैर ही घाटे का रोना रोकर सरेंडर कर दे रही है। अब तक बीते चार माह में दो कम्पनीयां सरेंडर कर जा चुकी हैं तथा तीसरी कम्पनी ने कार्यभार सम्भाला है। टोल प्लाजा युनियन व स्थानीय पंचायत प्रधान सुन्दर ठाकुर ने बताया कि कम्पनीयों के बार-बार बदलने से स्थानीय टोल कर्मीयों व स्थानीय लोगों को भी परेशानी होती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ऐसी नियमावली हो कि टोल कम्पनीयां अपनी समय अवधि पूरी किए बगैर न भाग सकें।
उधर टोल प्लाजा के प्रबंधक अजय ने बात करने पर बताया कि साल 2024 में जहां आजकल प्रतिदिन वाहनों की औसतन आवाजाही करीब सोलह हजार थी जो इस साल अभी तक औसतन बारह हजार के करीब ही है।
फ़ाइल फोटो :- टकोली टोल प्लाजा


