मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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शादी को सफल बनाए रखना कोई आसान काम नहीं है, लेकिन अगर सही समय पर सही कदम उठाए जाएं, तो इसे टूटने से बचाया जा सकता है। रिश्ते में खुलकर बातचीत करना, भरोसा बनाए रखना और एक-दूसरे को सम्मान देना, शादी को मजबूत बनाए रखने के तीन सबसे बड़े मंत्र हैं, परंतु समाज में लगातार बढ़ रहे तलाक के मामले गम्भीर समस्या का रुप धारण कर रहे हैं। तलाक लेना अच्छी बात नहीं है क्योंकि भारतीय समाज में व्यक्ति अपने आपमें सब कुछ नहीं होता है । उसके सुख -दुख में पूरा परिवार शामिल होता है । तलाक के कारण दो इंसान ही दुखी नहीं होते है । वे भले ही आपस मे कितनी भी नफरत करते हो, लेकिन उनके साथ उनके अभिभावक, रिश्तेदार और बच्चे भी जुड़े होते हैं । ऐसी विकट परिस्थितियों में सबकी भावनाओं को ठेस पहुंच रही होती है जिसके दूरगामी परिणाम बहुत ही दुखद होते हैं ।
भारत में तलाक के कारण पुरुष और महिलाएं असुरक्षित और कुप्रबंधित हो जाते हैं। जहाँ पुरुषों को घर का प्रबंधन करना मुश्किल लगता है, वहीं महिलाओं को आर्थिक रूप से नुकसान होता है। इसलिए भारत में तलाक से निपटने के लिए बहुत धैर्य, अच्छी सलाह और भावनात्मक स्थिरता की आवश्यकता होती है। कवि रहिम ने भी अपने दोहे में कहा है कि “रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय। पैसों पर फिर ना ज्यूरे, ज्यूरे गुलजार पर जाइएगा” अर्थात् प्यार का धागा नहीं तोड़ना चाहिए। रिश्ते का पैचअप हमेशा के लिए गांठ छोड़ देता है। इसलिए तलाक की स्थिति में, रिश्तों को बचाने के लिए, सबसे पहले, खुले और ईमानदार संवाद की ज़रूरत होती है। दोनों भागीदारों को अपनी भावनाओं और चिंताओं को साझा करना चाहिए और एक-दूसरे को समझने की कोशिश करनी चाहिए । इसके अलावा, अगर रिश्तों में विश्वास और सम्मान खो गया हो तो इसे बहाल करने के लिए प्रयास करें । अपने साथी के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करें और उन्हें सम्मान दें । एक-दूसरे को विश्वास दिलाएं कि आप रिश्ते को बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं ।
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

