Thursday, February 26, 2026
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संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता महिला की मौत , पुलिस प्रशासन व परिवारजनों के मध्य हुई जोरदार बहस

मूकनायक/ राजस्थान/बूँदी

संवाददाता विष्णु प्रसाद बैरवा

बूंदी – लाखेरी थाना क्षेत्र के भाण्ड गवार में शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में तीन बच्चों मां की मौत हों गई । पुलिस उप अधीक्षक नरेन्द्र नागर ने बताया कि मृतक रेखा मीणा 32 पत्नी महावीर मीणा जाति मीणा निवासी भाण्ड गवार की पुलिस थाना लाखेरी पर सुचना मिली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई । पुलिस ने लाश को अपने कब्जे में लेते हुए शव को लाखेरी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया । मृतक महिला के परिवारजन आने के बाद मेडिकल बोर्ड से लाश का पोस्टमार्टम कराया गया तथा जांच शुरू कर दी। मृतक की लाश परिजनों को सुपुर्द कर दी गई है।मृतक छः बहन भाई थे जिसमें चार बहिन वह दो भाई थे । मृतक बारा जिला की निवासी थीं । मृतक महिला के भाई नरेश मीणा दौलत राम मीणा अध्यापक ने बताया कि मेरी बहन के सुसराल पक्ष से शुक्रवार रात्रि को फोन आया था लेकिन सही बात नहीं हो सकीं , शनिवार को हमारे पास मौत की सूचना मिली महिला के परिवारजन उप अधीक्षक नरेंद्र नागर व थाना प्रभारी सुभाष चंद्र से महिला की मौत को लेकर कुछ समय अस्पताल परिसर में जोरदार बहस हुई इस दौरान उप अधीक्षक नागर ने बताया कि गुनाहगार कोई भी हो वह कानून से नहीं बच सकेगा । मृतक के परियोजनाओं को विश्वास दिलाते हुए मेडिकल बोर्ड से कार्यवाही कराई , जबकि मृतक रेखा मीणा कई समय से बीमार चल रही थी उसका इलाज भी चल रहा था । समय रहते रेखा मीणा जब ठीक रहती थी तो फिहर पक्ष के इसको गांव लेकर चले जाते थे। बीमार होने पर ससुराल में छोड़कर चले जाते थे। कल कुछ ऐसा ही हुआ था पूर्व सरपंच मदन लाल मीणा ने बताया कि मेरे पास मेरे लड़के की बहू के बच्चे रोज फोन करते हैं कि दादाजी हमें लेने आओ मदन लाल जी मीणा उनकी बेटे की बहू को लेकर शाम को भाण्ड गवार पहुंचे थे । अचानक तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले जाने की तैयारी मे थे मगर उनको लगा की लू लग गई होंगी सवेरे दिखा लेंगे मगर जगाने पर नहीं उठी तो रेखा मीणा को अस्पताल ले कर जाने लगे मगर उससे पहले उनकी मृत्यु हो चुकी थी । मृतक महिला के बेटे अमन मीणा ने बताया कि मेरी मम्मी काफी दिनों से बीमार चल रही थी जब मेरी मम्मी की तबीयत सही रहती थी तब हमारे मामा जी हमें लेकर हमारी नानी के पास ले जाते थे । जब मेरी मम्मी बीमार हो जाती थी तो मेरे गांव भाण्ड गवार छोड़कर चले जाते थे । यह बात अमन 9 साल के बच्चे के हैं ।मामले की जांच थाना अधिकारी सुभाष शर्मा कर रहे हैं।

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