छत्तीसगढ़
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के परिसर में धार्मिक स्थल / संरचना का निर्माण कार्य किया जा रहा है। हमारा भारत देश एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है जहाँ अलग-अलग धर्म के मतावलंबी है। भारत के संविधान की प्रस्तावना में भी भारत को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किया गया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय में [Union of India Versus State of Gujrat & Ors.] के प्रकरण क्रमांक Special Leave To Appeal (Civil) No. 8519/2006 में दिनांक 29/09/2009 को आदेश पारित कर यह निर्देशन जारी किया है कि किसी भी सार्वजनिक रास्ते, सार्वजनिक पार्क अथवा किसी अन्य सार्वजनिक स्थान आदि में किसी भी प्रकार के धार्मिक संरचना का निर्माण नहीं किया जाए। यह कि गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय शासकीय स्थान एवं सार्वजनिक स्थल है। केंद्रीय विश्वविद्यालय शासन के अधीन होने से किसी खास जाति व धर्म की निजी संपत्ति नहीं है तथा न ही यह किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी को बिना शासकीय स्वीकृति के परिसर में निर्माण करने का कोई अधिकार प्राप्त है। भारत देश धर्मनिरपेक्ष होने के कारण केंद्र अथवा राज्य के अधीन कर्मचारियों का दायित्व है कि वह किसी एक धर्म को समर्थन या बढ़ावा नहीं दें। यदि किसी एक धर्म विशेष की प्रार्थना स्थल का निर्माण शासकीय परिसर में किया जाता है तो वह निर्माण भारत का संविधान संविधान व सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध होने से अवैध अतिक्रमण है।अतः महोदय से निवेदन है कि गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर में अवैध अतिक्रमण से धार्मिक संरचना / स्थल के निर्माण को तुरंत रोका जाए और भारत का संविधान सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए विधि अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।(सुप्रीम कोर्ट की जजमेंट के लिए लिंक में जाकर पढ़ना पड़ेगा। https://www.facebook.com/share/p/16VHKobJqb/)भीम आर्मी ने इस निर्माण का पूर्व जो विरोध किया है अपने ज्ञापन में शीघ्र निर्माण रोकने की बात कही है।

