धम्म की मानव हितार्थ उपादेयता पर संगोष्ठी आयोजित
मूकनायक ब्यूरो चीफ रिडमल राम परमार
सांचौर, 12 मई 2025
अम्बेडकर सेवा समिति सांचौर व भारतीय बौद्ध महासभा सांचौर के संयुक्त तत्वावधान में तथागत गौतम बुद्ध की 2587वीं जयंती बुद्ध पूर्णिमा के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सेवा, करुणा व मानवता के संदेश को आत्मसात करते हुए फल वितरण, रक्तदान शिविर एवं विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल सांचौर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती मरीजों को फलों के वितरण से हुई। यह सेवा कार्य स्थानीय भामाशाहों के सहयोग से संपन्न हुआ। इसके पश्चात बी. लाल अस्पताल, सांचौर में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 27 रक्तदाताओं ने मानव सेवा हेतु स्वेच्छा से रक्तदान किया।

रक्तदान करने वालों में सेवा समिति अध्यक्ष नरेश पातलिया, बंशीलाल जयपाल, हस्ताराम परमार, प्रकाशकुमार R, ईश्वरकुमार, छतराराम धोरावत, बलवंताराम, जगदीशकुमार, नरपतकुमार, अशोककुमार, प्रवीण बौद्ध, कांतिलाल खानवत, चेतनकुमार खानवत, प्रकाशकुमार J, चतराराम, साँवलाराम, रोहितकुमार, डूंगराराम, प्रकाश N, नरपत H, प्रहलादकुमार, रणछाराम पारीक, पनेश परिहार, अशोककुमार, महेन्द्रकुमार, पोपटलाल मणुवेर सहित अनेक रक्तवीर शामिल रहे।

इस अवसर पर विचार संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय बौद्ध महासभा सांचौर के अध्यक्ष घेवर बौद्ध ने तथागत गौतम बुद्ध के जीवन, उनके द्वारा बताए गए अष्टांगिक मार्ग व पंचशील सिद्धांतों की व्याख्या करते हुए इन्हें जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

सेवा समिति के अध्यक्ष नरेश पातलिया ने युवाओं द्वारा बढ़-चढ़कर रक्तदान में भाग लेने की सराहना करते हुए कहा कि “आज के युवा जिस प्रकार मानवता के कार्यों में आगे आ रहे हैं, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। रक्तदान महादान है और इससे किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिल सकता है। तथागत बुद्ध के संदेशों में सेवा, समता और दया का जो भाव है, वही आज रक्तदान के रूप में प्रकट होता है। बुद्ध पूर्णिमा जैसे पर्व हमें स्मरण कराते हैं कि हमारा जीवन केवल अपने लिए नहीं, अपितु दूसरों के कल्याण के लिए भी समर्पित होना चाहिए। समिति आने वाले समय में भी ऐसे सेवाभावी कार्यक्रम निरंतर आयोजित करती रहेगी।”

कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष नेमीचंद खोरवाल, मेघवाल समाज अध्यक्ष भंवराराम खांभु, मूलाराम वाघेला, एडवोकेट राजेन्द्र हिंगड़ा, मोहनलाल पारीक, हीरालाल धोरावत, अर्जुनकुमार परमार, जितेन्द्र गोयल, संजय कालमा, भरत धोरावत, मोहनलाल धोरावत, रमेश बाबर, महेन्द्र खानवत, कैलाश खानवत, रमेशकुमार पांचल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य बुद्ध के धम्म सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाना, सेवा और समर्पण की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।

