
मूकनायक राजस्थान बूंदी
संवाददाता शैतान सिंह बैरवा
इन्द्रगढ़ – राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य शासन विभाग राजस्थान जयपुर के आदेश क्रमांक प10 (न.पा. गठन) सीमा वर्दी डी.एल.वी. 124/481 दिनांक 10/01/2025 के द्वारा जारी अधिसूचना के तहत ग्राम पंचायत सुमेरगंज मंडी के राजस्व ग्राम सुमेरगंज मंडी – अणधोरा – खेड़ली माफी नुई तथा प्रताप कॉलोनी कृषि उपज मंडी के पीछे का संपूर्ण सीमा क्षेत्र को नगर पालिका इंदरगढ़ में सम्मिलित किया जा रहा है इसके विरोध में ग्राम पंचायत सुमेरगंज मंडी के संपूर्ण राजस्व गांव के ग्राम वारिसान में भारी आक्रोश व्याप्त हैं तथा किसी भी सूरत में नगर पालिका इंदरगढ़ में मिलने को तैयार नहीं है ग्राम पंचायत सुमेरगंज मंडी के समस्त राजस्व गांव में अधिकांश आबादी कृषि एवं मजदूरी पर निर्भर हैं तथा नगर पालिका में विलय होने पर ग्रामीणों की आजीविका पर असर पड़ेगा वही पंचायती राज विभाग के तहत मिलने वाली सुविधाओं एवं सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिलने से उन्हें ग्रामीण योजनाओं से वंचित होना पड़ेगा जिससे गरीब व मजदूर वर्ग के लोगों को अत्यधिक नुकसान होगा ।लोगों का कहना है कि पूर्व में भी कई बार ग्राम पंचायत सुमेरगंज मंडी के राजस्व गांव का विलय नगरपालिका इन्द्रगढ़ में किया गया था लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री भेरू सिंह शेखावत के कार्यकाल में उनके निर्देश पर दिनांक 11 दिसम्बर 1991 को राज्य सरकार ने विलय के आदेश को निरस्त कर वापस ग्राम पंचायत सुमेरगंज मंडी के क्षेत्र को यथावत रखने के आदेश दिए थे इसके बाद दूसरी बार फिर वर्ष 2005 में ग्रामीणों के आक्रोश के कारण आदेश हुआ फिर तीसरी बार वर्ष 2011-12 में भी नगर पालिका के विलय का आदेश हुआ था परंतु ग्राम वासियों के विरोध प्रदर्शन के कारण राज्य सरकार ने विलय के आदेशों को निरस्त कर दिया था और एक बार फिर से आदेश होने के बाद ग्रामीणों में रोष बढ़ गया है जिसको लेकर आज ग्राम पंचायत सुमेरगंज मंडी के राजस्व गांव के लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है

