मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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प्रेम वो नहीं होता जो एक ग़लती पर साथ छोड़ दे बल्कि प्रेम तो वो होता है, जो सौ गलतियों को भी सुधार कर साथ दे। अगर कोई आप पर आंख बंद करके भरोसा करें तो आप उसका भरोसा तोड़कर उसे ये एहसास कभी मत दिलाओ कि वो अंधा है। सिर्फ धोखा देना ही धोखा नहीं होता बल्कि किसी के साथ अपनेपन का नाटक करना उससे भी बड़ा धोखा होता है।
बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि पहली बार मिला हुआ धोखा एक चेतावनी है। दूसरी बार मिला हुआ धोखा एक सीख है, परंतु तीसरी बार मिला हुआ धोखा आपके ही ग़लत निर्णयों का परिणाम है । बाकी -: “सही कर्म” वह नहीं है, जिसके “परिणाम” हमेशा सही हो….! सही कर्म वह है, जिसका “उद्देश्य” कभी गलत ना हो……..
लेखक
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

