Thursday, February 26, 2026
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इंसान को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के साथ-साथ होना चाहिए कर्तव्यों का बोध

मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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हमारी ताकत उस समय बढ़ती है, जब हम हिम्मत करते हैं। एकता उस समय बढ़ती है, जब हम एकजुट होते हैं। प्यार उस समय बढ़ता है, जब हम साझा करते हैं और रिश्ता उस समय बढ़ता है, जब हम परवाह करते हैं। आप अपने अधिकारों के प्रति सजग रहते हैं, ये अच्छी बात है लेकिन इसके साथ साथ आपको अपने कर्तव्यों का बोध भी अवश्य होना चाहिए।
यदि आप एक बेटे हैं तो आपको अपने माँ-बाप के प्रति, आप एक पिता हैं तो आपको अपने बच्चों के प्रति, आप एक पति हैं तो आपको अपनी पत्नी के प्रति, आप एक भाई हैं तो आपको अपने भाई-बहनों के प्रति, आप एक पत्नी हैं तो आपको अपने पति के प्रति और यदि आप एक बहु हैं तो आपको अपने सास-ससुर के प्रति अपने अधिकारों से अधिक अपने कर्तव्यों का ज्ञान होना चाहिए। बाकी:- समाज एक ऐसा बाजार है, जहां सलाह थोक में और सहयोग ब्याज पर उपलब्ध है…
लेखक
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

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