

सामाजिक एकजुटता, अधिकारों की रक्षा और संगठनात्मक मजबूती को लेकर हजारों युवाओं ने लिया संकल्प
रायपुर, 4 अक्टूबर 2026। सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में रविवार को रायपुर में प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन, महाबैठक एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रदेश के 33 जिलों से पहुंचे जिलाध्यक्षों, जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारियों, सदस्यों तथा सामाजिकजनों की हजारों की संख्या में उपस्थिति के बीच सम्मेलन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज के सामाजिक हितों, अधिकारों, संगठनात्मक एकता तथा भविष्य की कार्ययोजना को लेकर सामूहिक विमर्श करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ देव पूजन एवं वरिष्ठ सामाजिकजनों के मार्गदर्शन से हुआ। वरिष्ठजनों ने युवा प्रभाग के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को सामाजिक एकता, संगठन की मजबूती और समाजहित में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने का संदेश दिया। इसके बाद संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया।
महासम्मेलन में उपस्थित पदाधिकारियों एवं सामाजिकजनों ने संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव रखे। बैठक में सामाजिक जनगणना, आरक्षण से जुड़े विषय, लंबित पदों पर भर्ती, संगठन में पारदर्शिता एवं अनुशासन, विधिक सहायता व्यवस्था तथा संगठन के विस्तार सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में संगठन की ओर से प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तावों पर सर्वसम्मति से निर्णय लिए गए। इनमें प्रदेश में समान नागरिक संहिता के प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर संगठन का विरोध दर्ज कराने, परिसीमन की प्रक्रिया से पूर्व प्रदेश के जिलों, विकासखंडों एवं ग्रामों में निवासरत आदिवासी परिवारों की सामाजिक जनगणना एवं आंकड़े तैयार करने, पदोन्नति में आरक्षण एवं स्थानीय आरक्षण से जुड़े विषयों तथा सीधी भर्ती के लंबित पदों पर शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की मांग प्रमुख रही।
इसके साथ ही संगठनात्मक निर्णयों में पारदर्शिता, अनुशासन एवं निगरानी के लिए प्रदेश एवं संभाग स्तर पर कोर कमेटी गठित करने तथा विधिक एवं विधायी मामलों के लिए विधि प्रकोष्ठ/कानूनी दल के गठन का प्रस्ताव रखा गया। संगठन के विस्तार के लिए जिलों एवं विकासखंडों में नवीन कार्यकारिणी तथा प्रदेश के सभी जिलों में ग्राम इकाइयों के गठन की कार्ययोजना भी तय की गई। युवा प्रभाग ने प्रदेश में एक लाख युवाओं को संगठन से जोड़ने तथा प्रदेश की तर्ज पर सभी संभागों में युवा सम्मेलन आयोजित करने का लक्ष्य रखा।
सम्मेलन में सामाजिक अन्याय, शोषण एवं अत्याचार से जुड़े मामलों में प्रभावित लोगों को विधिक एवं संगठनात्मक सहयोग उपलब्ध कराने तथा जनहित के ज्वलंत मुद्दों को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से शासन-प्रशासन के समक्ष उठाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही संगठन से जुड़े सामाजिकजनों एवं पदाधिकारियों की सामाजिक तथा आर्थिक मजबूती के लिए आवश्यक प्रयासों पर चर्चा की गई।
महासम्मेलन का संचालन सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष ललित नरेटी ने किया। प्रांताध्यक्ष सुभाष सिंह परते के मार्गदर्शन, अश्विन कांगे के नेतृत्व तथा प्रदेश संगठन प्रभारी सचिव आयुष सिंह राज के संगठनात्मक समन्वय में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें प्रदेश पदाधिकारियों, संभागीय प्रभारियों, जिलाध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों, कार्यकारिणी सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही।
प्रदेश संगठन प्रभारी सचिव आयुष सिंह राज ने महासम्मेलन की सफलता के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग, सहभागिता एवं योगदान देने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सामाजिकजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में सामाजिक अधिकारों की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता तथा संगठित होकर समाजहित में कार्य करने का संदेश प्रमुखता से सामने आया।

