मूकनायक समाचार । सूरत
सूरत के कापोद्रा क्षेत्र निवासी मूलतः सौराष्ट्र की महिला आपके नाम खुले बैंक अकाउन्ट में मनी लोन्डरिंग में बडे पैमाने वित्तीय व्यवहार हुआ है कहकर 13 दिन तक डिजिटल एरेस्ट कर मुंबई पुलिस के नाम से धमकाकर बैंक अकाउन्ट में जमा रुपये वेरिफिकेशन के लिए 14.40 लाख रुपये ट्रान्सफर करवाकर वापस नहीं लौटाने पर सूरत सायबर क्राईम पुलिस ने गुनाह दर्ज कर जांच शुरू की है।
सौराष्ट्र के निवासी और सूरत के कापोद्रा क्षेत्र निवासी रमीलाबेन (नाम परिवर्तित) को गत 16 सितम्बर को वोईस कोल और विडियो कोल कर अपनी पहचान मुंबई पुलिस बताकर सुधाकर देशमुख ने कहा कि आपके नाम पर कैनरा बैंक में खुले अकाउन्ट में मनी लोन्डरिंग में बडे पैमाने वित्तीय व्यवहार हुए है। इसके बाद उन्हें ईडी, सुप्रीम कोर्ट, रिजर्व बैंक के लेटर और बैंक स्टेटमेन्ट भेजकर आपका नाम टेरर फन्डिंग के मनी लोन्डरिंग और फ्रोड मामले में आया है कहकर 13 दिन के लिए डिजिटल एरेस्ट किये थे। उन्हें मुंबई पुलिस के नाम पर बाद में बैंक अकाउन्ट में रखे रुपये वेरिफिकेशन के लिए ट्रान्सफर करना होगा ऐसा कहकर रुपये 14.40 लाख मंगवाकर रसीद भी दी थी। जोकि जो रुपये वेरिफिकेशन के लिए मंगाए थे वह वापस नहीं लौटाने पर रमीलाबेन खुद सायबर फ्रोड का भोग बनी होने का अहसास होने पर उसने दी अर्जी के आधार पर गुनाह दर्ज कर जांच शुरू की है।

